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Lucknow: श्रमजीवी एक्सप्रेस में लूट व हमले के शिकार हुए सिपाही की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

Wed, 02 Nov 2022 06:01 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

श्रमजीवी एक्सप्रेस में बदमाशों के हमले के शिकार हुए सिपाही की लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। बदमाशों ने सिपाही राकेश पर चाकू से हमला कर दिया था और उसकी कार्बाइन लूट ली थी। 
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सिपाही राकेश (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में एक हफ्ते पूर्व हुए कारबाइन लूटकांड में घायल सिपाही की बुधवार को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई। घटना के बाद से ही सिपाही की ट्रॉमा सेंटर में हालत गंभीर बनी हुई थी। प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र के नाहरपुर पोस्ट बरौत गांव निवासी राकेश कुमार (25) पुत्र अमृत लाल पुलिस विभाग में गाजीपुर पुलिस लाइन में तैनात थे। राकेश कुमार की गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से विधायक शोएब अंसारी की सुरक्षा में लगाई गई थी। 25 अक्तूबर को राकेश कुमार वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में बैठकर विधायक शोएब अंसारी की सुरक्षा ड्यूटी के लिए लखनऊ जा रहे थे।

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ट्रेन शाम करीब साढ़े छह बजे सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची थी तभी इंजन के पीछे लगी विकलांग बोगी में सवार यात्रियों ने एक सिपाही के घायल होने की सूचना गार्ड को दी थी। गार्ड ने घटना से ट्रेन के पायलट को अवगत कराया था। सूचना मिलने के बाद तत्कालीन जीआरपी थानाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी, सिपाही आत्माराम और अमन शुक्ला बोगी के पास पहुंचे थे, जहां उन्हें सिपाही राकेश कुमार ने लड़खड़ाती जुबान में हमले और कारबाइन लूटने की जानकारी दी थी। गंभीर हालत में सिपाही को जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां हालत नाजुक होने पर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। बुधवार दोपहर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में सिपाही राकेश कुमार की मौत हो गई।

आठ दिन बाद भी जीआरपी और पुलिस खाली हाथ
श्रमजीवी एक्सप्रेस में सिपाही राकेश पर हमला कर कारबाइन लूटने की घटना के बाद 26 अक्तूबर को जीआरपी के एडीजी पीयूष आनंद, जीआरपी के डीआईजी पवन कुमार, एसपी जीआरपी लखनऊ पूजा यादव भी सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। एडीजी ने घटना के खुलासे के लिए गाजीपुर, सुल्तानपुर और जीआरपी लखनऊ की संयुक्त टीम गठित की थी। आठ दिन बीत जाने के बाद भी दो जिलों की पुलिस के साथ ही जीआरपी के हाथ कुछ नहीं लगा। इस बीच खुलासे के लिए एसटीएफ भी लगा दी गई। इसके बावजूद अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
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एसओ जीआरपी पर गिरी थी गाज
राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस में एस्कोर्ट चलती है। इसके साथ ही बीच में पड़ने वाले जिले की जीआरपी के जवान भी ट्रेन की जांच करते हैं लेकिन 25 अक्तूबर को ट्रेन में ऐसा कुछ नहीं हुआ। सिपाही पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर कारबाइन लूटकर बदमाश बड़े आराम से फरार हो गया। इस घटना ने ट्रेन में चलने वाले एस्कोर्ट की सक्रियता की पोल खोल दी है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एसओ जीआरपी शमीम अहमद सिद्दीकी को ही निलंबित किया गया है। अन्य किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।

हमलावर के स्केच से भी नहीं मिली सफलता
श्रमजीवी एक्सप्रेस की विकलांग बोगी में गनर राकेश कुमार पर चाकू से हमला कर कारबाइन लूटने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने यात्रियों से हमलावर के हाव-भाव और पहनावे की जानकारी कर उसका 26 अक्तूबर को स्केच जारी किया था। स्केच जारी होने के बाद भी हमलावर का कोई सुराग नहीं मिला।

 

शहर के करौंदिया मोहल्ले के पास मिला था राकेश का मोबाइल
श्रमजीवी एक्सप्रेस में गनर राकेश कुमार पर हमला कर कारबाइन और उसका मोबाइल लूट लिया गया था। जांच में जुटी पुलिस ने सर्विलांस के जरिए सिपाही राकेश का मोबाइल सेट तीसरे दिन करौंदिया मोहल्ले में रेलवे पटरी के किनारे लावारिस हालत में पाया था।

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