मलिहाबाद क्षेत्र में एक स्कूल संचालक व शिक्षिका के प्रेमप्रसंग की भनक
लगने पर दबंगों ने संचालक और उसके दोस्त को अगवा कर लिया।
दोस्त का
शिक्षिका की रिश्तेदार से प्रेमप्रसंग था। दोनों को बंधक बनाकर पीटा। उन्होंने फिरौती भी मांगी।
बाद में पुलिस ने सर्विलांस सेल
की मदद से गुडंबा क्षेत्र के एक मकान पर छापा मारकर दोनों को मुक्त कराया, हालांकि आरोपी फरार हो गए।
तहकीकात में फिरौती की मांग झूठी साबित होने पर
पुलिस ने स्कूल संचालक के भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इंस्पेक्टर
मलिहाबाद जेपी सिंह ने बताया कि गांव अटेर निवासी शैलेंद्र कुमार गोस्वामी
ने शुक्रवार सुबह पुलिस को फोन करके अपने भाई रवींद्र गोस्वामी के अपहरण व
फोन पर दस लाख की फिरौती मांगे जाने की सूचना दी।
इस पर मलिहाबाद पुलिस ने
पड़ताल शुरू की। इस बीच एसएसपी रविंदर गौड ने सर्विलांस सेल प्रभारी
नागेंद्र चौबे को फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल का पता लगाने के आदेश
दिए।
मोबाइल का लोकेशन गुडंबा थाना क्षेत्र की फूलबाग कॉलोनी में ट्रेस
हुआ। इस पर सर्विलांस सेल ने मलिहाबाद पुलिस टीम को साथ लेकर बबलू के मकान
पर दबिश दी।
वहां बंधक बने रवींद्र व गांव अनीपुर निवासी उसके दोस्त
वीरप्पन उर्फ रामसजीवन को मुक्त कराया।
दोनों ने बबलू, उसके पिता, वीरेंद्र
व उसके पिता गुरु प्रसाद पर बातचीत के बहाने बुलाकर बंधक बनाने व
प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
पुलिस को दी झूठी सूचना इंस्पेक्टर
का कहना है कि चार-पांच दिन पहले रवींद्र व शिक्षिका के बीच प्रेमप्रसंग
का भांडा फूटने पर झगड़ा हुआ था।
शैलेंद्र को इसकी जानकारी थी और युवती के
परिवार द्वारा रवींद्र को बंधक बनाकर पीटने का पता लगने पर उसने फिरौती के
लिए अपहरण की कहानी रचकर पुलिस को झूठी सूचना दे दी। उसके खिलाफ मुकदमा
दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है
पुलिस
ने रवींद्र गोस्वामी व राम सजीवन को बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के आरोप
में बबलू व वीरेंद्र के साथ दोनों के पिता को नामजद किया है।
इसके अलावा
अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है। फरार आरोपियों की तलाश में
विभिन्न स्थानों पर दबिश दी गई है।