आलमबाग स्थित कैरिज व वैगन स्टोर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान ही चोरी का सिंडिकेट चला रहे थे। रेलवे विजिलेंस टीम ने तीन आरपीएफ जवानों को बुधवार रात बोगियों की बैट्री चुराकर ले जाते समय रंगे हाथ पकड़ा। इसमें से आरोपी एक मौके से फरार हो गया।
गोरखधंधे में एक कर्मचारी नेता का बेटा भी शामिल है। सूचना मिलने पर कई लोगों के साथ पहुंचे कर्मचारी नेता ने जमकर हंगामा काटा। इधर पकड़े गए दोनों जवानों को रेलवे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रेलवे विजिलेंस को सूचना मिली थी कि कैरिज व वैगन स्टोर में पड़े स्क्रैप से बैट्री व पंखे जैसे उपकरणों की चोरियां हो रही हैं। इस पर विजिलेंस ने सादी वर्दी में इंस्पेक्टर तैनात किए थे।
आरपीएफ कांस्टेबल मंगलेश कुमार सिंह, हरिकिशन यादव और अनिल कुमार गौतम बुधवार रात बोगियों की बैट्री निकालकर ले जाते हुए आलमबाग थाने के सामने रंगे हाथ धर दबोचे गए।
टीम ने मंगलेश और हरिकिशन को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अनिल भाग निकलने में कामयाब रहा। चोरी के दोनों आरोपियों को कैरिज वर्कशॉप स्टोर स्थित आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया। पूछताछ में पता चला कि एक रेलवे कर्मचारी संगठन के बड़े पदाधिकारी का बेटा भी गोरखधंधे में शामिल है। इस पर कर्मचारी नेता के बेटे को भी पकड़ लिया गया।
हालांकि, विजिलेंस उससे पूछताछ करती, कर्मचारी नेता लाठी-डंडों से लैस अपने कई समर्थकों के साथ पहुंच गया और हंगामा करने लगा। बवाल बढ़ते देख उसके बेटे को छोड़ दिया गया।
जबकि पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार सुबह आरपीएफ जवानों को रेलवे न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। मंगलेश पहले भी चारबाग स्टेशन पर आए पार्सल चुराने के मामले में जेल जा चुका है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज गंगवार ने बताया कि विजिलेंस की सूचना पर आरपीएफ की स्पेशल टीम ने इस गोरखधंधे को उजागर किया है। जांच की जा रही है। अभी और लोगाें के नाम सामने आने की संभावना है।