ओसामा और रजनी बनकर लूटपाट करने वाले युवक युवती को राजधानी पुलिस ने रविवार शाम करीब चार बजे धर लिया। इसके साथ ही उनके खतरनाक मंसूबों का भी पता चला।
दोनों ने राजधानी के एक और सर्राफ से पांच लाख रुपये और कुशीनगर में सिलाई मशीन से भरा ट्रक लूटने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने इंदिरानगर स्थित माही मेडिकल स्टोर तिराहा से आरोपियों को पकड़ा।
इनके पास से चोरी की बाइक,आलमबाग और पीजीआई के कुम्हार मंडी स्थित ज्वैलरी शॉप से लूटे गए जेवर,एक देशी पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुए हैं।
डीआईजी नवनीत सिकेरा ने गैंग का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र देने और डीजीपी से पुरस्कार दिलाने की घोषणा की है।
डीआईजी ने बताया कि आलमबाग के रामनगर सर्राफा बाजार में गिरधारी लाल लखमानी की दुकान शिव सखी ज्वैलर्स में लूटपाट करने वाले गैंग में शामिल युवती उन्नाव निवासी रजनी और युवक गोरखपुर का ओसामा है।
दोनों पति-पत्नी बनकर राजधानी में फर्जी नाम से मकान बदल-बदल कर रहते थे।
फिलहाल दोनों इंदिरानगर में मकान संख्या 14/887 में तन्वी उर्फ ब्रोनिका और मनोज तिवारी के नाम से रह रहे थे।
शिव सखी और मां वैष्णो ज्वैलर्स में लूटपाट के दौरान दोनों के अलावा बलरामपुर के पुरैनिया तालाब निवासी अकरम मलिक और गोरखपुर के तिवारीपुर निवासी महताब भी साथ थे।
डीआईजी ने बताया कि जब एसएसपी प्रवीण कुमार के गिरोह का सुराग देने वाले को 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा करते ही गिरोह में हलचल मच गई।
गिरफ्तारी के भय से अकरम हजरतगंज से वाहन चोरी के एक पुराने मामले में जमानत रद्द करा जेल चला गया।
ओसामा और रजनी सिंह भी घर छोड़कर इधर-उधर रहने लगे।
इसी दौरान दोनों ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर राजधानी के एक सर्राफ से पांच लाख रुपये और कुशीनगर में सिलाई मशीन से भरा एक ट्रक लूटने की योजना बनाई।
हालांकि पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
डीआईजी ने गैंग का खुलासा करने वाले के इंस्पेक्टर विकास पांडे, सब इंस्पेक्टर अक्षय प्रताप सिंह, संतोष तिवारी, हेड कांस्टेबल अमरेश व योगेंद्र और कांस्टेबल रवि, मनोज, मुकेश, सुनील, नौशाद, देवेंदर,कपूर चंद्र,प्रमोद पांडे व शालिनी को डीजीपी से पुरस्कृत कराने की बात कही है।
हर तरह की वारदात में माहिर
डीआईजी ने बताया कि ओसामा और रजनी का गैंग हर तरह की वारदातें करता है। इसके लिए गैंग के पास अलग-अलग तरह के लोग हैं।
जहां लड़की की जरूरत होती, रजनी को साथ ले जाते। अलीगंज के डंडइया बाजार स्थित मां वैष्णो ज्वैलर्स और आलमबाग में शिव सखी ज्वैलर्स में रजनी साथ थी।
जबकि पीजीआई के कुम्हार मंडी स्थित प्रभात ज्वैलर्स में सिर्फ दो बदमाश ही गए थे। डीआईजी ने कहा कि गैंग के सदस्य वाहन चोरी और सेंधमारी भी करते थे।
वाहन लूटने के भी कई मामलों में गैंग का हाथ सामने आया है। मूल रूप से गैंग गोरखपुर और आसपास के जनपदों में सक्रिय था।
कुछ समय से राजधानी को ठिकाना बनाया और आसपास के जनपदों में भी कई वारदातें कीं।
ओसामा के खिलाफ गोरखपुर के राजघाट और गुलरिया थाना व राजधानी के गाजीपुर, अलीगंज, पीजीआई, कृष्णानगर व इंदिरानगर थाना में लूट, चोरी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट के 15 मामले पता चले हैं।
जेल से मजबूत हुआ गैंग
डीआईजी ने बताया कि युवक-युवती का यह गैंग जेल से मजबूत हुआ। जेल में रहने के दौरान सरगना ओसामा को कई बदमाश मिले, जिनके साथ उसने वारदातें कीं।
ओसामा बीते मार्च में ही गोरखपुर जेल से छूटा था। इसके बाद से रजनी के साथ राजधानी में किराये पर रह रहा था।
रजनी से उसकी लिव-इन रिलेशनशिप है। ओसामा को जब हजरतगंज पुलिस ने वर्ष 2011 में गिरफ्तार किया था, तब भी रजनी उसके साथ थी।
डीआईजी ने बताया कि रजनी ग्रेजुएट है और खराब चरित्र के कारण घरवालों ने उससे संबंध खत्म कर लिए। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश चल रही है।
वहीं,जिस मकान में ओसामा और रजनी फर्जी नाम से रह रहे थे,वहां के मकान मालिक ने पुलिस को सूचना नहीं दी।
पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो उसके हाथ-पैर फूल गए। माफी मांगने और भविष्य में किरायेदार रखने से पहले सत्यापन की शर्त पर उसे छोड़ा गया।