डालीगंज पुल पर दो बदमाशों ने बृहस्पतिवार दोपहर पीडब्लूडी कर्मचारी को लूट लिया। वारदात के बाद बदमाश पैदल ही भाग निकले।
थाने पहुंची महिला ने पूरी जानकारी दी। पीड़ित को साथ लेकर पुलिस मौका-ए-वारदात पर पहुंची लेकिन आसपास के दुकानदारों ने घटना की जानकारी से ही इन्कार कर दिया।
राजभवन के सामने स्थित पीडब्लूडी कॉलोनी के क्वार्टर नंबर जी-12 में रहने वाले संजीव रतन पांडेय होमगार्ड हैं और बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की सुरक्षा में तैनात हैं।
पत्नी रूमा पांडेय पीडब्लूडी में कंप्यूटर सेल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। बकौल संजीव, पत्नी की तबियत खराब होने के चलते अस्पताल में भर्ती थी।
चार दिन पहले ही डिस्चार्ज होकर घर आई थीं। पूजा का सामान लेने रूमा दोपहर के समय डालीगंज गई थी। वजीरगंज की तरफ टैंपो से उतरने के बाद रूमा पैदल ही डालीगंज मार्केट की तरफ जाने लगी।
इसी दौरान पीछे से आए दो बदमाशों ने गले और कान पर झपट्टा मारा चेन के साथ ही बाले नोच लिए। अचानक हुए हमले से घबराई रूमा कुछ समझ पाती इससे पहले ही बदमाशों ने पर्स भी छीना और भाग निकले।
पर्स में 2500 रुपये, पासबुक और मोबाइल फोन था। रूमा ने एक राहगीर के फोन से पति को सूचना दी। संजीव ने अपने दोस्त विजय को मौके पर भेजा। दोनों हसनगंज थाने पहुंचे।
लूट की वारदात मानने से इन्कार करते हुए पुलिस मौका मुआयना करने पहुंची। आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी वारदात की पुष्टि नहीं की। पुलिस लूट को संदिग्ध बता रही है।
उधर, रूमा का शक है कि टैंपो से उतरते ही बदमाश उसके पीछे लग गए थे। उन्होंने बताया कि एक बदमाश काले रंग की चेकदार शर्ट पहने था। दूसरे को वह देख नहीं सकीं। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।