लखनऊ के माल क्षेत्र में सोमवार सुबह दसवीं की छात्रा को दरिंदे ने दबोच लिया। शोर मचाने पर उसका मुंह दबोचकर खेत में खींच ले गया, जहां तमंचे के बल पर छात्रा को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
बेसुध हालत में घर पहुंची छात्रा की आपबीती सुनकर परिवारवालों के होश उड़ गए। छात्रा परिवार संग थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। करीब 12 घंटे तक पुलिस ने छात्रा व उसके परिवारीजनों को थाने में बैठाए रखा। इसके बावजूद न तो उसे मेडिकल के लिए भेजा न ही रिपोर्ट लिखी।
पुलिस के मुताबिक, माल के एक गांव में रहने वाली किसान की बेटी (16) दसवीं की छात्रा है। सुबह करीब 9 बजे गांव से बाहर खेत की ओर काम के लिए जा रही थी। घात लगाए बैठे दरिंदे राम किशोर यादव ने छात्रा को पीछे से दबोच लिया।
शोर मचाने पर छात्रा का मुंह दबाकर सुनसान जगह ले गया। विरोध पर तमंचा लगाकर उसे जान से मारने की धमकी दी। करीब एक घंटे बाद बेसुध हालत में छात्रा घर पहुंची और आपबीती बताई। पीड़िता की मां शिकायत लेकर दरिंदे के घर पहुंची तो आरोपी के परिवारवालों ने उन्हें धमकाकर भगा दिया।
12 घंटे तक भूखे-प्यासे बैठाए रखा पीड़िता को
इसके बाद ग्रामीणों संग थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत की। पुलिस ने जांच कराने की बात कहकर करीब 12 घंटे तक परिवार को थाने में बैठाए रखा। वहीं, पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भी नहीं भेजा। थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि महिला थाने देर से आई थी। जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद करीब 12 घंटे तक पुलिसकर्मी छात्रा व उसके परिवार को थाने में बैठाए रखे। दोपहर बाद भूख-प्यास से सभी परेशान हो उठे। इसके बाद ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को बाहर से नाश्ता व पानी लाकर दिया।
रात 9 बजे तक पुलिस ने छात्रा को मेडिकल के लिए नहीं भेजा। वहीं, पुलिस रात तक जांच की बात कहकर आरोपी के भाई को थाने बुलाने की बात कहती रही। इतना ही नहीं वहां कार्यरत महिला पुलिसकर्मियों ने छात्रा के बयान तक दर्ज नहीं किए।