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AC कोच में रेप की कोशिश, भारत छोड़ेगा परिवार!

Thu, 28 Aug 2014 11:17 AM IST
निशांत कुमार यादव/अमर उजाला लखनऊ
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बाघ एक्सप्रेस ट्रेन की सेकेंड एसी बोगी में एक महिला से बलात्कार का प्रयास किया गया। महिला के शोर मचाने पर जब उसके पति व परिवारीजन जाग गए तो आरोपी वहां से भागकर बगल वाले केबिन में अपनी सीट पर पहुंच गया।
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पति के विरोध जताने पर आरोपी अभद्रता पर उतारू हो गया। तो टीटीई ने भी मामला दर्ज कराने से किनारा कर लिया। ट्रेन का एस्कॉर्ट तक मौके पर नहीं पहुंच सका। हालांकि ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर आरोपी को जीआरपी के हवाले कर दिया गया।

जीआरपी भी पहले महिला यात्री की शिकायत दर्ज करने से कन्नी काटती रही। इसके बाद किसी तरह मामला दर्ज हुआ लेकिन जीआरपी ने उसे छेड़खानी में तब्दील कर दिया। महिला का पति हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं।
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परिजनों ने किया अनदेखा

अमेठी के एचएएल कोरवा निवासी एक महिला अपने पति व कुछ परिवारीजनों के साथ मंगलवार रात ट्रेन संख्या 13020 बाघ एक्सप्रेस से काठगोदाम से अमेठी के लिए रवाना हुई।

ट्रेन के सेकेंड एसी के बोगी ए-1 में सीट संख्या 31 पर महिला यात्रा कर रही थी। इसी बोगी की सीट 37 पर भदोही गोपीगंज सदर मोहाल निवासी मनोज कुमार गुप्ता भी काठगोदाम से परिवार सहित यात्रा कर रहा था।

महिला यात्री का आरोप है कि जब मनोज उसे लगातार देखने लगा तो उसने अपने केबिन का पर्दा बंद कर दिया था। रात करीब 1:15 बजे जब ट्रेन रामपुर के पास पहुंची तो मनोज ने उसे कई बार छुआ।

लेकिन शुरू में उसने यह सोचकर कोई ध्यान नहीं दिया कि शायद कोई वह गैलरी से निकल रहा है और इस कारण गलती से धक्का लग गया होगा। वहीं परिवारीजनों ने भी मनोज इस हरकत को अनदेखा कर दिया।

गह‌री नींद में सो रही थी महिला

ट्रेन देर रात हरदोई के करीब पहुंची तो मनोज ने सारी हदें पार कर दीं। वह केबिन का पर्दा हटाकर महिला यात्री की सीट पर आ गया। गहरी नींद में सो रही महिला यात्री से वह जबर्दस्ती करने का प्रयास करने लगा।

जब महिला ने शोर मचाया तो उनके पति जाग गए और मनोज गुप्ता को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। खुद को घिरा देख मनोज गुप्ता अपनी सीट पर दौड़कर पहुंच गया। इस बीच आसपास की केबिन के यात्री भी एकत्र हो गए।

पति ने जब उससे विरोध दर्ज कराया तो आरोपी उनसे मारपीट पर उतर गया। महिला की चीख सुनने के बाद बोगी के यात्री टीटीई को ले आए। महिला ने टीटीई से मनोज गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की अपील की। लेकिन टीटीई ने शिकायत पुस्तिका देने से ही मना कर दिया।

कहा, हरदोई में उतरकर जीआरपी में शिकायत दर्ज करा देगा। इस घटना के बावजूद ट्रेन का जीआरपी एस्कॉर्ट वहां आया तक नहीं। इस पर महिला के पति ने तुरंत जीआरपी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी।

दर्ज किया गया छेड़खानी का मुकदमा

हरदोई में जीआरपी के दो जवान आए लेकिन तब तक ट्रेन लखनऊ रवाना हो गई थी। ट्रेन सुबह 6:15 बजे लखनऊ पहुंची। यहां जीआरपी और आरपीएफ जवान पहले से मौजूद थे।

आरोपी को पकड़कर महिला से उनकी शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि जीआरपी पहले मामला दबाने में जुटी रही। जीआरपी चौकी से जीआरपी थाने ले जाकर मामला दर्ज किया गया लेकिन उसे बलात्कार का प्रयास न दिखाकर छेड़खानी में बदल दिया।

जीआरपी ने मनोज कुमार गुप्ता को रेलवे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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महिला के परिवारीजनों का इंग्लैड में बसने का फैसला

जिस महिला के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया उसके साथ इंग्लैंड से आए परिवारीजन भी मौजूद थे। एसी 2 श्रेणी में हुई इस घटना के बाद परिवारीजनों ने अब ब्रिटेन की नागरिकता लेकर इंग्लैंड रहने का फैसला किया है।

इस मामले पर एडीजी, रेलवे, वीरेंद्र कुमार का कहना है कि जहां महिलाएं इतने अधिक लोगों के बीच सुरक्षित नहीं हैं, वहां भविष्य दांव पर लगाना बेहतर नहीं।

इस घटना पर जीआरपी ने मुझे बाघ एक्सप्रेस के इस मामले से अवगत नहीं कराया है। यह एक बड़ा हादसा है और जीआरपी एस्कॉर्ट अगर मौके पर नहीं मिला है तो इसकी जांच होगी।

पहले भी हुए हैं हादसे
-करीब डेढ़ साल पहले नई दिल्ली से अपनी मां के साथ लखनऊ मेल की एसी बोगी में यात्रा कर रही एक युवती से आईएएस अधिकारी ने किया बलात्कार का प्रयास।

-जनवरी 2013 में मरुधर एक्सप्रेस की स्लिपर बोगी में यात्रा कर रही विदेशी महिला के साथ एक यात्री ने अपने कपड़े उतारकर की थी छेड़खानी।
-अक्तूबर 2012 में कोटा-पटना एक्सप्रेस में एक महिला यात्री के साथ टीटीई ने छेड़खानी की थी।
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