राजधानी में बुधवार को तीन अलग-अलग जगहों पर पॉलीटेक्निक छात्रा समेत तीन ने फंदे से लटककर जान दे दी।
सूचना पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाए हैं।
पुलिस के मुताबिक, कृष्णानगर क्षेत्र के सुभाषनगर भोलाखेड़ा निवासी संजय वैश्य लोको आलमबाग में टेक्नीशियन हैं।
उनकी बेटी अपूर्वा (20) लखनऊ पॉलीटेक्निक में अंतिम वर्ष की छात्रा थी।
घरवालों के मुताबिक, उसकी परीक्षाएं चल रहीं थी। बुधवार सुबह 11 बजे वह परीक्षा देकर आई तो काफी तनाव में थी।
खाना खाने के बाद वह पहली मंजिल पर अपने कमरे में चली गई। दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब जब मां उसको बुलाने गई तो दरवाजा खोलते ही उसकी चीख निकल गई।
कमरे में अपूर्वा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली। शोर सुनकर घर में मौजूद उसकी छोटा भाई वैभव पहुंचा और उसे नीचे उतारा।
पिता को फोन कर दोनों उसको नजदीक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
पिता संजय की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
उधर, पीजीआई के ए-39 आश्रय योजना एल्डिको निवासी आशीष कुमार कपड़े का व्यवसाय करते हैं।
उनकी पत्नी मोनिका (33) निजी स्कूल में टीचर थीं। पुलिस के मुताबिक, छह माह से आशीष का व्यवसाय ठप चल रहा है।
बुधवार को किसी बात को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा हो गया। जिसके बाद मोनिका गुस्से में पहली मंजिल पर कमरे चली गई। जबकि पति आशीष चार वर्षीय बेटे प्रथम के साथ नीचे था।
दोपहर साढ़े तीन बजे पत्नी से ट्यूशन पढ़ने वाले कुछ बच्चे आए तो उसने उन्हें ऊपर जाने को कहा। जब बच्चे ऊपर गए तो वहां का दृश्य देखकर वह नीचे भागे।
आशीष ऊपर पहुंचा तो देखा उसकी पत्नी साड़ी के सहारे पंखे से लटकी रही थी। उधर, आशियाना के किला मोहम्मदी गांव निवासी नौमीलाल मजदूर है।
बुधवार सुबह नौ बजे जब उसका बेटा अजय अपनी बहन सीमा (17) को बुलाने उसके कमरे में गया तो वह कमरे में दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी मिली।
घरवालों की सूचना पर पुलिस ने शव को उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों ने बताया कि वह काफी दिनों से बीमारी के चलते परेशान चल रही थी।