कैसरबाग क्षेत्र में चार दबंगों ने रविवार रात एक कंप्यूटर सप्लायर को उसके घर से बुलाया और घसीटकर कार में लाद लिया।
चीखपुकार पर पहुंची मां व भाई को धमकी देकर भाग निकले। युवक के अपहरण की खबर पर पुलिस ने घेराबंदी की और फैजाबाद रोड पर जा रही कार को रोका।
तीन व्यक्ति कार से कूदककर भाग निकले, जबकि एक को गिरफ्तार करने के साथ पुलिस ने अपहृत युवक को छुड़ा लिया। तहकीकात में मामला लेनदेन के विवाद का निकला है।
इंस्पेक्टर कैसरबाग राज बहादुर साहू ने बताया कि गुरु गोविंद सिंह मार्ग स्थित प्रभात चक्रवर्ती के घर पर बीती रात कार से आए चार व्यक्तियों ने दस्तक दी और उनके बेटे तरुण को बाहर बुलाया।
डेढ़ लाख के तगादे के साथ उसे धमकाते हुए घसीट कर कार में लादने लगे। तरुण की चीखपुकार पर दौड़ी मां सर्वानी व भाई अमिताभ को दबंगों ने धमकाकर घर के अंदर भेजा और तरुण को लेकर भाग निकले।
अमिताभ ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। इसके साथ प्रभात चतुर्वेदी ने कैसरबाग कोतवाली पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई।
उन्होंने कहा कि बेटे का अपहरण करने वालों में फैजाबाद रोड स्थिथ सहारा ट्रेडिंग सेंटर में कंप्यूटर व्यवसाय करने वाला संजय सिंह यादव व इलाहाबाद के फूलपुर थाने के गांव पाली निवासी हिमांशु श्रीवास्तव को उनकी पत्नी ने पहचान लिया।
इस सूचना पर इंस्पेक्टर राज बहादुर पुलिस टीम लेकर सहारा ट्रेडिंग सेंटर पहुंचे। वहां पार्किंग के गेट से निकल रही कार को घेर लिया।
उसमें से तीन व्यक्ति कूदकर भाग निकले, जबकि पिछली सीट पर बैठे संजय यादव को गिरफ्तार करके तरुण को उसके चंगुल से छुड़ा लिया।
कंप्यूटर व्यवसायी संजय यादव ने कबूला कि तरुण उसके यहां कंप्यूटर व पार्ट्स सप्लाई का काम करता था। विश्वास जमाने के बाद तरुण ने तीन लाख का माल व नगदी हड़प लिया।
दबाव बनाने पर उसने डेढ़ लाख रुपये लौटाए, जबकि डेढ़ लाख के लिए अरसे से टरका रहा था। तमाम प्रयास पर भी रकम न देने पर उसने तीन साथियों की मदद से तरुण को उसके घर से उठाया।
इसके बाद उससे रिश्तेदारों को फोन कराकर रकम देने के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने फरार तीन आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।