नाका कोतवाली के एक दरोगा ने शुक्रवार को निवाज खेड़ा में एक गोदाम पर छापा मारा। लाखों की चरस और दो तमंचे बरामद करने के साथ व्यापारी को हिरासत में ले लिया।
कोतवाली ले जाकर प्रताड़ित करने के साथ चरस और असलहों की तस्करी के आरोप में जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी। इस बीच जानकारी पर सीओ और इंस्पेक्टर ने उसे छुड़ाया।
व्यापारी ने दरोगा पर एक प्रॉपर्टी डीलर के इशारे पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए आला अफसरों से न्याय की गुहार लगाई है।
नाका कोतवाली में तैनात एसआई इंद्रपाल सिंह ने निवाज खेड़ा ऐशबाग में तारिक की दुकान पर छापा मारा। इसके बाद नाटकीय ढंग से गोदाम का शटर खुलवाया।
शटर के पास से दो तमंचे और 688 ग्राम चरस का एक पैकेट बरामद किया। लाखों की चरस बरामद होने पर तारिक को तस्करी के आरोप में पकड़ कर कोतवाली लाया गया।
गिरफ्तारी की लिखापढ़ी करने के साथ ही इंस्पेक्टर विजय प्रकाश को जानकारी दी। इंस्पेक्टर के पूछताछ करने पर तारिक फफक पड़ा।
बताया कि मोतीनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर अनिल मोहन तिवारी उर्फ अन्नू से विवाद है और मुकदमा चल रहा है। रंजिश के चलते ही अन्नू ने परिचित दरोगा इंद्रपाल सिंह की मदद से उसे फंसाने की साजिश रची है।
तारिक ने खुलासा किया कि अनिल ने बृहस्पतिवार को इंद्रपाल को नए साल की दावत दी थी।
देर रात तक चली दावत में उसे फंसाने की साजिश रची और रात में गोदाम का शटर उठाकर असलहे और चरस का पैकेट रखा गया।
इसके बाद सवेरे छापा मारा। मामला संदिग्ध नजर आने पर इंस्पेक्टर ने सीओ कैसरबाग डॉ. हृदेश कठेरिया को जानकारी दी। दोनों अधिकारियों ने छानबीन के बाद तारिक को हिरासत से छोड़ने के आदेश दिए।
चरस व तमंचों की बरामदगी का मामला अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज कर दूसरे थाने से तफ्तीश कराने का फैसला लिया गया।
तारिक ने एसएसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि अनिल से दुकान खाली करने को लेकर विवाद है। इसके चलते अनिल ने 7 मई 10 को साथियों की मदद से कचहरी में उस पर हमला करने के साथ धमकाया था।
इसकी उसने वजीरगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा बार काउंसिल व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में भी अनिल के खिलाफ शिकायत की थी।
आरोप है कि इसी के चलते अनिल ने इलाके के दरोगा इंद्रपाल सिंह से साठगांठ कर उसे तस्करी में फंसाने का कुचक्र रचा और दस घंटे हिरासत में रखा गया।