हसनगंज क्षेत्र के खदरा में संदिग्ध हालात में दरोगा की बेटी की मौत हो गई। रविवार सुबह काफी देर तक न उठने पर पिता ने कमरे में जाकर देख तो वह फंदे से लटकी हुई मिली। पिता ने आननफानन में उसे फंदे से उतारा और अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए।
मोहल्ले वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शमशान घाट पहुंचकर शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। वहीं पिता ने डिप्रेशन के चलते जान देने की बात कही है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, शिवनगर खदरा निवासी रायबरेली पुलिस लाइन में कार्यरत (एक स्टार) दरोगा मुरारी सिंह यादव की बेटी मुटूर उर्फ संध्या (17) राजकीय बालिका इंटर कालेज में 11 वीं की छात्रा थी।
शनिवार देर रात किसी बात को लेकर छात्रा ने अपने कमरे में जाकर फंदे से लटककर जान दी।
सुबह पिता कमरे में गया तो उसे फंदे से लटका देखकर उतारा। जानकारी पर पहुंचे रिश्तेदारों की मदद से छात्रा का शव लेकर बंधा मार्ग स्थित बैरल नंबर पर दो के पास अंतिम संस्कार के लिए पहुंच गया।
पुलिस को क्यों गुमराह कर रहा है दरोगा
सूचना पाकर चौकी इंचार्ज मदेयगंज फोर्स संग पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कराने से रोका। उन्होंने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। एसआई सुधीर चंद्र पांडेय ने बताया मौत की वजह हैगिंग आया है। हालांकि विसरा सुरक्षित रखा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा की बेटी की मौत बाद वह चुपचाप उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी में लगा था। दोपहर एक बजे के करीब दरोगा बेटी के शव का अंतिम संस्कार के लिए उसे लेकर बैरल नंबर दो के पास पहुंच गया था। इसकी भनक लगते ही पुलिस वहां पहुंच गई। इस पर दरोगा ने पहले बीमारी से मौत की बात कही। पुलिस का दबाव पड़ने पर उसने खुदकुशी की बात कही।
लोगों ने बताया दरोगा मुरारी यादव का व्यवहार ठीक न होने से मोहल्ले वालों ने उससे कोई भी नाता नहीं रखा है। छात्रा की मौत की खबर सुबह फैली तो लोग अपने-अपने गेट पर खड़े रहे, लेकिन कोई भी दरोगा के घर झांकने नहीं गया। लोगों का कहना था छात्रा को शनिवार शाम कोचिंग जाते वक्त देखा गया था। छात्रा अपनी सहेली संग हंसते हुए जा रही थी। ऐसे में उसके डिप्रेशन में होने का सवाल नहीं उठता।