गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली के सराय रोहिल्ला इंद्रलोक शहजाद बाग निवासी इकराम अली और गोमती नगर के आयुष शुक्ला को गिरफ्तार कर 18 सिलेंडर बरामद किए। दोनों हाफ डाले पर सिलेंडर लादकर कालाबाजारी करने ले जा रहे थे। आरोपी नाइट्रोजन गैस की फर्जी चालान रसीद बनवाकर ऑक्सीजन सिलेंडर मनमाने दाम पर बेच रहे थे।प्रभारी निरीक्षक पवन पटेल के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल से कई नंबर ऐसे मिले जिन पर ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी की बातचीत हुई है।
कर्मचारी संग कालाबाजरी कर रहा था एजेंसी मालिक
गुड़ंबा पुलिस ने सोमवार देर रात एजेंसी मालिक सहित दो को ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करते दबोचा। इनसे 87 सिलेंडर और 1,00,390 रुपये बरामद हुए। आरोपियों में बालाजी जीवन दायिनी गैस एजेंसी का मालिक विष्णु भी है। वह कर्मचारी विकास शुक्ला के साथ मिलकर कालाबाजारी कर रहा था।
पुलिस ने इनके खिलाफ शिकायत मिलने पर कई दिनों तक मोबाइल को सर्विलांस पर रखा गया। इस दौरान पता चला कि आरोपी 300 रुपये का ऑक्सीजन सिलेंडर मजबूर लोगों को 32 हजार रुपये तक में बेच रहे थे। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
एसीपी अलीगंज अखिलेश सिंह के नेतृत्व में मंगलवार देर शाम जानकीपुरम पुलिस ने विस्तार इलाके में छापेमारी कर एक बंगले से 115 ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद किए। पकड़े गए आरोपियों में मड़ियांव थानाक्षेत्र के सीतापुर योजना सेक्टर-ए निवासी करण भारद्वाज व काकोरी के बेगरिया का नेकराम है। एक हाफ डाला भी बरामद की है। आरोपी एक ऑक्सीजन सिलेंडर 35 हजार रुपये में बेचते थे। इसकी सूचना पर पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर डालकर उनकी बातचीत की रिकॉर्डिंग की। इसके बाद दोनों को दबोचा गया।
जरूरतमंद लोगों के लिए ली जा रही विधिक राय
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाओं की बरामदगी के बाद इन्हें थाने के माल खानों में जमा किया गया है। जरूरतमंदों को इन्हें तत्काल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अफसर न्यायिक अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों से राय मशविरा कर रहे हैं।
वहीं, शासन के निर्देश पर कालाबाजारी करने वालों पर रासुका की कार्यवाही भी होनी है। यह भी कहा कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। एक सप्ताह में पुलिस टीमों ने पांच जोनों से 150 सिलेंडर और सैकड़ों रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र कुमार राय के मुताबिक कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाओं की जमाखोरी करने वालों को पुलिस गिरफ्तार कर सजा दिलाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन परिस्थिति में जमाखोरों से बरामद दवा, ऑक्सीजन सिलेंडर माल मुकदमा की परिभाषा में आने से केस निपटने तक बाधित हो जाते हैं।
इनका इस्तेमाल जीवन बचाने के लिए नहीं हो पा रहा। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 451 में दी शक्ति का प्रयोग करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट को उक्त माल मुकदमा को जरूरतमंदों के पक्ष में अवमुक्त करने और विचारण प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक बंध पत्र लेकर थाने से उक्त वस्तु को संबंधित व्यक्ति, संस्था, अस्पताल को देने का आदेश करना चाहिए। इस संदर्भ में इस कानून को लचीला दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रयोग करना चाहिए। सकीरी बासु के वाद में उच्चतम न्यायालय ने भी ऐसी संपत्ति के तत्काल निस्तारण हेतु कई रास्ते बताए हैं।
- 22 अप्रैल को सहादतगंज में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करते दो दबोचे, दो सिलेंडर बरामद।
- 23 अप्रैल को कृष्णानगर पुलिस ने 54 सिलेंडर के साथ एक को गिरफ्तार किया।
- 25 अप्रैल को अलीगंज पुलिस ने तीन सिलेंडर के साथ एक को दबोचा।
- 30 अप्रैल को ठाकुरगंज पुलिस ने चार सिलेंडर के साथ दो को पकड़ा। चिनहट पुलिस और नायब तहसीलदार की टीम ने 20 सिलेंडर के साथ एक को गिरफ्तार किया।