पीलीभीत फर्जी मुठभेड़ मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद से फरार चल रहे सात पुलिस वालों ने मंगलवार को कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश लल्लू सिंह ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर उम्र कैद की सजा काटने के लिए जेल भेज दिया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 23वीं बटालियन पीएसी, मुरादाबाद के सहायक सेनानायक राजेंद्र सिंह, सहारनपुर पुलिस लाइंस के इंस्पेक्टर उदय पाल सिंह, एटा के जसरतपुर थाने के दरोगा राकेश कुमार सिंह, आजमगढ़ के देवगांव थाने के प्रोन्नत हेड कांस्टेबल विजय कुमार सिंह, 9 वर्ष पहले बर्खास्त किए गए सिपाही मुन्ना खां, इलाहाबाद की अपराध शाखा से रिटायर हुए दरोगा देवेंद्र पांडेय तथा पीलीभीत से रिटायर हुए सिपाही कलेक्टर सिंह शामिल हैं।