बाजार खाला क्षेत्र में सोमवार रात मिठाई विक्रेता की उसी के नौकर ने दुकान में नृशंस हत्या कर दी। गल्ले में रखी रकम के साथ मोबाइल लूटा और शटर गिराकर फरार हो गया।
मिठाई विक्रेता के मंगलवार दोपहर तक घर न पहुंचने पर पत्नी दुकान पर पहुंची। शटर उठाने पर पति का खून से लथपथ शव पड़ा था। चीखपुकार पर आसपास के लोग दौड़े।
पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर फोन सर्विलांस पर लेकर लोकेशन ट्रेस किया। आरोपी को पकड़ने के लिए एक टीम उन्नाव भेजी गयी है।
मेंहदीगंज निवासी मिठाई विक्रेता रामलखन गुप्ता (58) को उसी के पुराने नौकर सरजू ने दुकान में ही ईंट से कूंच व चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
कत्ल के बाद मोबाइल व गल्ले में रखे रुपये बटोरे और दुकान का शटर गिराकर फरार हो गया। दुकान में ही सोने वाले रामलखन के सुबह 11:30 बजे तक घर न पहुंचने पर पत्नी शिव दुलारी खैरखबर लेने पहुंची।
दुकान बंद देखकर शिवदुलारी ने शटर उठाया। अंदर रामलखन का खून से लथपथ शव पड़ा देखकर चीखी। आसपास के लोग दौड़े। पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच रामलखन का बड़ा बेटा अमित गुप्ता उर्फ सोनू मौके पर पहुंचा।
पिता का मोबाइल गायब देखकर 12:20 बजे नंबर डायल किया। सरजू ने कॉल रिसीव की लेकिन अमित की आवाज सुनकर फोन काट दिया। अमित ने उन्नाव के मवई निवासी सरजू पर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
इसके साथ बाजार खाला पुलिस ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद से रामलखन के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस किया और पुलिस की एक टीम उन्नाव के लिए रवाना की है।
बहुत ख्याल रखता था नौकर का
पति के शव के पास बिलख रही शिव दुलारी को जब पता चला कि सरजू ने कत्ल किया है तो वह तड़प उठी। बोली कि रामलखन अपने नौकर का बहुत ख्याल रखते थे।
छह महीने पहले उसकी बहन की शादी के मौके पर रामलखन ने मिठाई व खाने का जिम्मा संभाला था। इसके साथ अपने दोस्त अशोक कुमार उर्फ बबलू से कैटरिंग का भी काम कराया था। सरजू को 15 हजार रुपये उधार भी दिए थे।
यह थी रंजिश
बहन की शादी के चार महीने बाद सरजू ने रामलखन की नौकरी छोड़कर अशोक कुमार के यहां कैटरिंग का काम शुरू किया। दरअसल सरजू ने रामलखन से शादी में उधार ली रकम वेतन से किश्तों में अदा करने का वादा किया था।
वेतन में कटौती होती देख सरजू ने नौकरी छोड़ी। रामलखन ने अशोक के यहां से वेतन मिलने पर तगादा किया। टालमटोल पर अशोक को उधारी की जानकारी दी और सरजू के वेतन से कटौती करने को कहा था।
अमित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते सरजू ने उसके पिता की हत्या का इरादा बना डाला। उसे मालूम था कि रामलखन दुकान में ही सोता है। संभव है कि रात में दुकान पहुंचकर उसने वारदात अंजाम दे डाली।