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टैक्स चोरी की ये तरकीब देख चौंक गए अधिकारी

Wed, 31 Jul 2013 10:33 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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ऑयल फर्म द्वारा तेल चोरी के मामले की जांच एसआईबी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन ब्रांच) ने पूरी कर ली है।
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वाणिज्य कर विभाग को करीब 25 लाख रुपये का टैक्स मिलने की उम्मीद है। वहीं वाणिज्य कर के अधिकारी कारोबारी के टैक्स चोरी के हथकंडे देख कर दंग है।

इसके अलावा 50 कारोबारी जांच की जद में आ सकते हैं। सीज किए गए दस्तावेजों की जांच में पता चला कि तीन तरह के बिल पर एक ही माल बेचा जा रहा था।

गौरतलब है कि सोमवार को एसआईबी की टीम ने ज्वाइंट कमिश्नर एससी यादव की अगुवाई में सीतापुर रोड के मड़ियांव स्थित अग्रवाल ब्रदर्स फर्म के ठिकाने पर छापा मारा गया था।

छापे में कारोबारी संजीव अग्रवाल के कारोबार के अभिलेखों को जांच के बाद सीज किया था।

मंगलवार को ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि जिन बिल बुक एवं बुक को सीज किया गया उसकी फौरी जांच में अब तक पाया कि कारोबारी ने पांच करोड़ रुपए का तेल बेचकर खूब कमाई की लेकिन पांच फीसदी के रेट से वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) को नहीं चुकाया।
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उन्होंने बताया कि सीज अभिलेख कारोबारी के फर्जीवाड़े की पोल खोल रहे हैं। इससे यह आशंका है कि उसका सालाना कारोबारी टर्नओवर सात करोड़ से कहीं अधिक है।

टीम बुधवार को इन फर्जी बिल बुक एवं बिल की विधिवत जांच करेगी। वहीं दूसरी ओर वाणिज्य कर के जांच अधिकारी कारोबारी के टैक्स चोरी के हथकंडे को देखकर दंग हैं।
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अधिकारियों के अनुसार छापे में जो तीन टैक्स इन वाइस एवं साधारण बिल बुक को सीज किया उनके तीन नंबर के बिल पर तेल बिकता रहा।

कारोबारी के कारिंदों ने टैक्स इन वाइस एवं साधारण बिल बुक के 90 फीसदी बिल क्रमांक नंबर 5,6,7 पर ही काटे हैं।

जबकि टैक्स इन वाइस एवं साधारण बिल बुक में क्रमांक नंबर एक से 100 और एक से 50 तक के सादे बिल थे।
कारोबार तेल का, लगा रहे थे 'चूना'
यानी कारोबारी ने हेराफेरी करने की नीयत से एक ही क्रमांक नंबर के बिल पर तमाम बार तेल की सप्लाई की है।

जांच की जद में 50 कारोबारी
टीम के जांच अधिकारी ने बताया कि इस टैक्स चोरी की जांच की जद में 50 से अधिक अन्य कारोबारी आएंगे।

दरअसल सीज अभिलेखों में ऐसे कारोबारियों के ब्यौरे का उल्लेख है। माना जा रहा कि ऐसे कारोबारियों ने लाखों रुपए का तेल की सप्लाई लेकर खुद उसको बेचा लेकिन वैट की अदायगी नहीं की।
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