एनटीपीसी ने ऊंचाहार हादसे में 36 लोगों की मौत मानी है। एनटीपीसी उत्तर क्षेत्र मुख्यालय के प्रवक्ता के अनुसार 38 घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से 21 का इलाज दिल्ली में, 17 का लखनऊ में हो रहा है।
हर मरीज की निगरानी के लिए एक-एक एनटीपीसी का अधिकारी तैनात किया गया है। इस बीच, एनटीपीसी के साथ-साथ भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (बीएचईएल) के विशेषज्ञ भी घटना के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
वहीं, केंद्र सरकार ने एनटीपीसी की ऊंचाहार परियोजना में 1 नवंबर को हुए हादसे की अलग से जांच शुरू कराई है। बिजली मंत्रालय ने सोमवार को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के सदस्य (थर्मल) पीडी सिवाल की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
इसमें उ.प्र. राज्य विद्युत उत्पादन निगम के निदेशक (प्रोजेक्ट्स) सुबीर चक्रवर्ती तथा महाराष्ट्र के निदेशक (स्टीम बॉयलर) धवल प्रकाश अंतपुरकर बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं। सीईए के मुख्य अभियंता डॉ. एलडी पांडेय समिति के सदस्य के साथ-साथ संयोजक भी होंगे। समिति को एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
गौरतलब है कि हादसे के बाद मौकेपर गई ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) व राज्य विद्युत अभियंता संघ के पदाधिकारियों की टीम ने एनटीपीसी द्वारा गठित जांच समिति पर सवाल उठाते हुए सीईए से जांच कराने की मांग की थी। एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे का कहना था कि एनटीपीसी की कमेटी से स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।