एलयू के हॉस्टलों में रहने वाले सभी स्टूडेंट्स का ब्यौरा अब पुलिस व जिला प्रशासन के पास भी मौजूद रहेगा, जिससे किसी भी घटना में स्टूडेंट का नाम सामने आते ही तत्काल उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सके।
लविवि के प्रॉक्टर और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
अभी पुलिस आपराधिक मामलों में छात्रों का नाम सामने आने पर विश्वविद्यालय से डिटेल मांगती है और फिर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर पाती है।
अब हर स्टूडेंट्स का ब्यौरा पुलिस के पास होने से वह भुक्तभोगी से शिनाख्त करा लेगी और तत्काल उसके घर जाकर पकड़ने की कोशिश करेगी।
इसके साथ अभिभावकों पर भी पकड़वाने का दबाव बनाया जाएगा। बैठक में छापामार अभियान चलाने के लिए भी रणनीति तैयार की गई।
हालांकि अभी इसके पत्ते नहीं खोले गए हैं। इसके अलावा हॉस्टलों के आसपास बसी बस्तियों पर भी पुलिस की सतर्क नजर रहेगी।
एलयू में सात-आठ द्वारों के साथ 22 इंट्री पॉइंट हैं, जो छात्रों के लिए देर रात में आवागमन के लिए पूरी तरह मुफीद हैं।
अब इन्हें भी बंद किया जाएगा और हॉस्टल में अनुचित आवागमन को पूरी तरह बंद करने की व्यवस्था होगी। किसी के कमरे में बाहरी मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चिह्नित किए गए छह उपद्रवी छात्र होंगे निष्कासित
एलयू के जिन छात्रों ने रविवार रात बालाजी स्वीट्स पर मारपीट व तोड़फोड़ की, उन्हें निष्कासित किए जाने की तैयारी की जा रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद एलयू प्रशासन उन्हें नोटिस जारी करेगा और निलंबन की कार्रवाई शुरू करेगा। इसके बाद उन्हें नियमानुसार ढंग से कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए निष्कासित कर दिया जाएगा।