राजधानी पुलिस जालसाज बिल्डरों पर शिकंजा कसती जा रही है। लगातार शिकायतों पर पुलिस ने अंसल ग्रुप और रोहतास के खिलाफ अब तक दो दर्जन मामले दर्ज किए हैं। जून के पहले सप्ताह में इन दोनों बड़े भवन निर्माता समूह के तीन जिम्मेदारों को पुलिस ने जेल भेजा।
इसमें अंसल के वाइस प्रेसीडेंट हरीश गुल्ला, स्टेट हेड अरुण मिश्रा और रोहतास के वाइस प्रेसीडेंट नितिन भाटिया शामिल हैं। वहीं अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी के तहत शुक्रवार को हजरतगंज पुलिस ने राजधानी के सभी थानों से मुकदमों का ब्योरा जुटाया है।
इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर दोनाें भवन निर्माता समूह के फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जाएगा, ताकि वे विदेश न भाग सकें।
क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक अंसल ग्रुप के खिलाफ हजरतगंज में 12 मुकदमों की जांच चल रही है। इसके अलावा राजधानी के अन्य थानों में 13 मुकदमे हैं। फरार चल रहे आरोपियों सुशील अंसल, प्रणव अंसल व अन्य के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।
ताकि ये लोगों का करोड़ रुपया हड़प कर विदेश न भाग जाएं। उधर, रोहतास ग्रुप के सीएमडी परेश रस्तोगी, भाई व निदेशक पीयूष रस्तोगी, पंकज रस्तोगी व वाइस प्रेसीडेंट नितिन भाटिया के खिलाफ हजरतगंज में 24 तो अन्य थानों में करीब 50 मुकदमे दर्ज हैं।
रोहतास ग्रुप के फरार सीएमडी परेश रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी व पंकज रस्तोगी के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। सीओ के मुताबिक दोनों बिल्डरों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर दो दिन में एसएसपी कार्यालय भेजी जाएगी। ताकि इन पर देश के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों व प्रमुख स्थानों पर निगरानी की जा सके।