मोहनलालगंज की पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि गंगासागर की शादी को चार साल बीत गए थे। संतान न होने का मलाल था। कुछ दिनों पहले उसे अपने एक रिश्तेदार की नाबालिग बेटी और बाइक मैकेनिक कमल के बीच प्रेमप्रसंग की भनक लग गई।
दोनों को रंगेहाथ पकड़ने के बाद गंगासागर ने किशोरी को ब्लैकमेल करके उससे अनैतिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। भांडा फोड़ने की धमकी देकर दबाव बनाता। निगोहां क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर अक्सर आवागमन करके किशोरी से संबंध बनाने लगा।
ब्लैकमेलिंग से त्रस्त किशोरी ने कमल को जानकारी दी। दोनों ने गंगासागर को ठिकाने लगाने की साजिश रच डाली। कमल के इशारे पर किशोरी ने बुधवार को गंगासागर को कॉल करके फार्महाउस के पीछे मुलाकात के बहाने बुलाया। बाइक लेकर पहुंचे गंगासागर को किशोरी कुछ देर तक बातचीत में उलझाए रही।
इस बीच कमल अपने दोस्त बबलू के साथ आ धमका। सरिया से सिर पर वार करके गंगासागर को गिराया। इसके बाद तीनों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार करके उसका गला बुरी तरह गोद डाला। वारदात अंजाम देने के बाद किशोरी अपने घर लौट गई, जबकि कमल और बबलू ने गंगासागर की बाइक उन्नाव के कालू खेड़ा में सड़क किनारे गड्ढे में फेंकी और फरार हो गए।
फार्महाउस के पीछे खून से लथपथ पड़े शव से कुछ दूरी पर मोबाइल फोन मिला। उसके जरिए गंगासागर के शव की शिनाख्त हुई और पता चला कि कुछ दूरी पर स्थित गांव में उसकी ससुराल व आसपास कई रिश्तेदार हैं। मोबाइल का कॉल डिटेल खंगालने पर उस नंबर को ट्रेस किया गया, जिससे बुधवार देरशाम गंगासागर को फोन किया गया था। शक की सुई रिश्तेदार की बेटी पर टिक गई। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ गहन छानबीन की गई और बाइक मैकेनिक कमल से प्रेमप्रसंग की जानकारी हुई। इसके बाद कड़ी जुड़ती चली गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने 48 घंटे में हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये नगद इनाम की घोषणा की है। टीम में स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक ओमवीर सिंह चौहान, सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार त्यागी, थानाध्यक्ष अजय कुमार, उपनिरीक्षक रामफल मिश्रा, प्रमोद कुमार, आरक्षी सरताज अहमद, वीर सिंह, अविजीत कुमार, अनिल कुमार, राजीव, चंद्रपाल सिंह राठौर, विशाल सिंह, सूरजसिंह, राजेश पांडेय, जगसेन सोनकर और महिला आरक्षी सुनीता शामिल थीं।