पारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह नित्यक्रिया के लिए घर से निकली एक बुजुर्ग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बेटे ने अपने भतीजे व उसके बहनोई पर शक जाहिर करते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जमीन के बंटवारे को लेकर दादी-पोते के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, गांव सलेमपुर पतौरा के मजरा सूरज कुंड खेड़ा निवासी भगाना देवी (70) सुबह 6:30 बजे नित्यक्रिया के लिए घर से निकली थीं।
गांव के बाहर पुलिया के पास भगाना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसे सड़क पर मृत पड़ा देख गांव के ही अभिषेक ने वृृद्धा के बेटे रामसेवक लोध को जानकारी दी।
रामसेवक आसपास के लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। उसने अपने भतीजे सुरेंद्र उर्फ छोटू और उसके बहनोई सियाराम उर्फ सरकट पर हत्या का शक जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
रामसेवक ने बताया कि डेढ़ साल पहले पिता अनंतराम की मौत के बाद उनकी छह बीघा जमीन के तीन हिस्से हुए थे। मां भगाना देवी के साथ उसके बेटे रामसेवक व मन्नालाल के नाम जमीन आ गई।
नौ महीने पहले मन्नालाल की मौत हो गई। उसके नाम की जमीन उसके बेटे अशोक, छोटू उर्फ सुरेंद्र व बेटी शिल्पी के नाम दर्ज हुई। मतभेद के चलते भगाना देवी रामसेवक के साथ रहने लगी।
पोता सुरेंद्र उनके हिस्से की जमीन में भी हिस्सा मांग रहा था। जमीन की कीमत बढ़ने पर सुरेंद्र के साथ उसके बहनोई सियाराम ने भी दबाव बनाना शुरू कर दिया।
कुछ दिनों पहले रामसेवक व भगाना देवी ने अपने हिस्से की कुछ जमीन का सौदा किया था। दोनों को मोटी रकम मिलने की भनक लगने से सुरेंद्र बौखला उठा।
रामसेवक का कहना है कि इसी रंजिश के चलते उसने बहनोई की मदद से भगाना देवी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज करके दोनों आरोपियों की तलाश में दबिश दी।
घर से नदारद होने से संदेह गहरा गया। इस पर उनकी सरगर्मी से तलाश के साथ मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाला जा रहा है।