ऐशबाग की मोतीझील कॉलोनी में बदमाशों ने रिटायर्ड जेलर अंबिका प्रसाद तिवारी की पत्नी की हत्या कर लाखों रुपये के गहने व नगदी बटोरकर भाग निकले।
सोमवार दोपहर बदमाश बाहर के कमरे में लेटे तिवारी को गंभीर रूप से घायल कर घर में घुसे थे।
देर शाम होश आने पर तिवारी ने रिश्तेदारों को फोन करके बुलाया। दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में दहशत है।
पुलिस के मुताबिक, मोतीझील कॉलोनी के मोहल्ला पांडेय तालाब में बदमाशों ने अंबिका प्रसाद तिवारी (83) के घर सोमवार दोपहर धावा बोला।
बदमाशों ने अंबिका के सिर पर डंडे से जोरदार वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर जनेऊ में बंधी सेफ की चाभी हथिया ली।
इसके बाद बदमाश दूसरे कमरे में घुसे और वहां लेटी उनकी पत्नी विमला तिवारी (80) के सिर पर वार करके उनकी हत्या कर दी।
बदमाशों ने इत्मीनान से स्टोर में रखी सेफ खोलकर खंगाली। उसमें से लाखों रुपये कीमत के गहने व दो लाख रुपये नगद बटोरकर बदमाश भाग निकले।
देर शाम होश में आने पर अंबिका ने शास्त्रीनगर निवासी अपनी पत्नी के भतीजे सुधीर शुक्ला व त्रिवेणीनगर निवासी सलहज सुशीला शुक्ला को फोन करके विमला की हालत खराब होने की जानकारी दी।
सूचना पर सुधीर पत्नी नीलम शुक्ला के साथ आननफानन में मौके पर पहुंचे। इस बीच विमला दम तोड़ चुकी थी।
जख्मी अंबिका प्रसाद उनके बेड के पास पड़ी कुर्सी पर बैठे कराह रहे थे। सुधीर ने पुलिस को फोन करके वारदात की जानकारी दी।
दिनदहाड़े हत्या व लूटपाट की सूचना पर इंस्पेक्टर बाजार खाला नरेंद्र सिंह राणा, सीओ राजकुमार व एएसपी सिटी पश्चिम अजय कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे।
घायल अंबिका प्रसाद को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट बुलाकर तहकीकात शुरू की।
संपत्ति विवाद का शक
तहकीकात में जुटी पुलिस को विमला के रिश्तेदारों ने बताया कि अंबिका उन्नाव के पाठकपुर के मूलनिवासी हैं।
उनके दो भाई गांव में रहते हैं जबकि तीसरे भाई शिवप्रसाद तिवारी का कृष्णानगर में घर है। उनका बेटा महेंद्र अक्सर खैरखबर लेने आता था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि पता करने के बाद पुलिस का मानना है कि अंबिका का लगाव अपने ससुराल वालों के प्रति अधिक था।
ऐसे में उनकी संपत्ति को लेकर परिवार के लोगों अनबन का अंदेशा है। पता लगाया जा रहा है कि बदमाशों का मकसद लूटपाट था या दंपती की हत्या करके लूट का रूप देने के इरादे से आए थे।
अंबिका प्रसाद की जान संयोग से बच गई या जानबूझकर उनके सिर पर हल्का वार किया गया।
विमला की हत्या की खबर मिलने पर पहुंचे राजाजीपुरम निवासी उनके भाई रमेश शुक्ला व त्रिवेणीनगर निवासी सुरेश शुक्ला ने बताया घर का एक हिस्सा किराए पर उठा रखा था।
कुछ दिनों पहले आया नया किरायेदार अपने परिवार के साथ बालाजी के दर्शन के लिए गया है।
कोई संतान नहीं होने के कारण अंबिका ने दस साल पहले अपने मकान की रजिस्ट्री अपने साले सुरेश व रमेश के नाम कर दी थी।