गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की शुक्रवार रात ससुराल में गोली लगने से मौत हो गई।
सास ने पुलिस को नशे में हंगामे के बाद दामाद द्वारा खुदकुशी की सूचना दी, जबकि युवक के पिता ने अपने समधी पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
हत्या-आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। एसओ का कहना है कि दोनों स्थितियों में युवक की ससुराल वाले दोषी हैं।
एसओ गाजीपुर नोवेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि इंदिरानगर के सेक्टर-19 निवासी नितिन कुमार मिश्रा (27) को शनिवार रात 12:05 बजे उसकी सास सरिता पांडेय ने फोन किया।
इस पर नितिन थोड़ी दूर पर सेक्टर-21 स्थित अपनी ससुराल जा पहुंचा। कुछ समय बाद सरिता ने पुलिस कंट्रोल रूम व नितिन के पिता नरेश कुमार मिश्रा को फोन करके बताया कि घर के बाहर हंगामे के दौरान नितिन ने तमंचे से अपनी कनपटी पर गोली मार ली है।
नरेश आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। नितिन खून से लथपथ पड़ा था। उसके दाहिने हाथ में तमंचा था। इस बीच पुलिस भी आ गई।
नितिन को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नरेश ने अपने समधी सरोज श्रीवास्तव पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि नितिन की बाई कनपटी पर गोली मारने के बाद तमंचा दाहिने हाथ में थमाया गया है।
बेटे की मौत पर रो रहे पीडब्लूडी ठेकेदार नरेश व उसकी पत्नी अलका ने बताया कि 28 मई को नितिन की शादी सरोज श्रीवास्तव व सरिता पांडेय की बेटी अंजली से हुई थी।
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ससुराल पहुंचते ही अंजली ने अलग रहने के लिए दबाव बनाना शुरू किया और पति-पत्नी में अनबन हो गई। हालात से समझौता करते हुए उसने अपने घर के भूतल का हिस्सा नितिन व अंजली को दे दिया।
खुद छोटे बेटे शनि के साथ प्रथम तल पर रहने लगे। इसके बाद भी अंजली का झगड़ना जारी रहा। करवा चौथ पर मायके गई तो लौटने को राजी नहीं हुई। अलबत्ता उसने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 24 अक्तूबर को पुलिस व महिला आयोग में शिकायत कर दी।
दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। वहां समझौता हुआ लेकिन अंजली अपनी ससुराल नहीं लौटी। दंपत्ती का आरोप है कि नितिन को तीन दिन पहले उसके ससुर ने जान से मारने की धमकी दी थी। हत्या के इरादे से ही सास ने शुक्रवार रात फोन करके बुलाया था।
दस साल से लापता है भाई
जवान बेटे की मौत पर बिलख रही अलका मिश्रा ने बताया कि उनका मंझला बेटा मोनू वर्ष 2003 में लापता हो गया था। दस साल बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला है। बड़ा बेटा नितिन अपने पिता नरेश के साथ सेक्टर-25 में गुमटी रखकर पान मसाला, चाय व कोल्डड्रिंक बेचता था। छोटा बेटा शनि बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है।
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चादर के सहारे छत से उतरा नितिन
नरेश मिश्रा ने बताया कि वह शुक्रवार को नितिन को साथ लेकर देवां शरीफ गया था। वहां से लौटने पर परिवार के साथ खाना खाया। घर के मुख्यद्वार पर भीतर से ताला लगाकर सभी लोग सो गए। रात 12 बजे के बाद नितिन को उसकी सास ने फोन किया। तेज आवाज में बात करते हुए नितिन अपने कमरे से निकला।
मां से मुख्यद्वार की चाभी लेने के बजाय वह चादर के सहारे छत से उतरा और ससुराल जा पहुंचा। थोड़ी देर बाद उसकी मौत की खबर मिली।
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