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मां-बेटे की बेरहमी से हत्या करने के बाद महिला का कान काट ले गए बदमाश

Sat, 24 Jun 2017 09:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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घटनास्‍‌थल पर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
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बाराबंकी के असंद्रा थानाक्षेत्र के सुखलाल पुरवा के मजरा मिर्चिया गांव में बीती रात घर में सो रहे वृद्ध मां व बेटे की बदमाशों ने लूटपाट करने के बाद हत्या कर दी। वारदात की जानकारी होने पर शनिवार की सुबह डीआईजी रेंज व एसपी ने मौका मुआयना किया।
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मृतका के भतीजे की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या व चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। घटनास्थल पर पहुंची डॉग स्क्वॉयड टीम ने भी जांच की। जिसके बाद शक के तौर पर पुलिस ने मृतका के पौत्र समेत दो लोगों को गिरफ्त में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

असंद्रा थाना क्षेत्र के सुखलाल पुरवा मजरे मिर्चिया गांव स्थित घर के बाहर शुक्रवार की रात सो रहे राधेश्याम (60) पुत्र हीरालाल व घर के आंगन में छप्पर के नीचे सो रही इनकी मां हुबराज (90) की हत्या कर दी गई
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इनके घर के पीछे दूसरे मकान में रह रहे मृतका के बड़े पुत्र रामदेव को शनिवार की भोर वारदात की जानकारी हुई। रामदेव की सूचना पर पहुंची पुलिस जब घर का दरवाजा खोल कर अंदर पहुंची तो वहां दोनों के शव पड़े मिले। दोनों का गला रस्सी से कस कर हत्या की गई थी और वृद्ध मां के चांदी के कनफूल ले जाने के लिए बदमाश उनका एक कान तक काट ले गए।
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घर के अंदर कई स्थानों पर खुदा

घर के अंदर कई स्थानों पर खुदा होने और कमरे का सारा सामान व भूसे में रखे बर्तन यहां-वहां पड़े होने से लूटपाट की नियत से घुसे बदमाशों द्वारा सो रहे मां-बेटे के जाग जाने पर दोनों की हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर पहुंची डॉग स्क्वॉयड टीम बदमाशों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। हालांकि इनके घर से कितना जेवरात व रुपया गया है यह बतानेे वाला कोई नहीं है।

घर में रखे जेवरात तो नहीं बने वारदात की वजह    
भैंस व गाय की सेवा कर के उनका दूध बेचकर जीविका चला रहे मां-बेटे के लिए पूरे परिवार का जेवर अपने पास रखना ही जानलेवा बन गया। मृतका के तीन पुत्रों में मृतक राधेश्याम व स्वर्गीय छंगा की पत्नियां डेढ़ दशक पहले इनको छोड़कर चली गई थीं। तथा बड़ा पुत्र रामदेव अपनी पत्नी व दो पुत्रों के साथ अलग घर में रहता है।

इनके परिवार के पास मौजूद मात्र दस विस्वा खेत भी रामदेव के कब्जे में है। ग्रामीणों के मुताबिक तीनों की शादी में उनकी पत्नियों को मिले जेवर ही हुबराजा की संपत्ति थी और उनकी सुरक्षा के लिए ही वह किसी को घर के अंदर दाखिल भी नहीं होने देती थी। शायद  इसी के चलते बदमाश लूट के इरादे से इनके घर पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया है।
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