वर्तिका का कहना है कि कार चला रहा डॉक्टर बीयर पी रहा था। वह बुरी तरह से नशे में धुत था। वर्तिका ने पुलिस को सूचना दी तो उसने कार से कैन गायब कर दिए। हालांकि, पुलिस के सामने उसने बीयर पीने और नशे में होने की बात कुबूली थी।
प्रभारी निरीक्षक बोले-प्रक्रिया लंबी है, घरवालों से बात कर लो
वर्तिका ने बताया कि डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की बात कही तो प्रभारी निरीक्षक रविंद्र नाथ राय ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने और मुकदमा चलाने की प्रकिया काफी लंबी होती है। उन्होंने वर्तिका से कहा कि एक बार घरवालों से बात कर लो। हालांकि, वह कार्रवाई की मांग पर डटीं रहीं।
राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक, कॉलेज की अध्यक्ष भी रहीं
वर्तिका ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। वह वर्ष 2013-14 में दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वीमेन की छात्रसंघ अध्यक्ष भी रही हैं। वर्ष 2012 में उसने जर्मनी तथा वर्ष 2013 में सिंगापुर में आयोजित शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
बकौल वर्तिका, वर्ष 2013 में ही उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था। उसके पिता कृष्ण प्रताप सिंह का प्रतापगढ़ में ही एक इंटर कॉलेज है, जबकि मां किरन प्राथमिक शिक्षिका हैं। उन्होंने गोरखपुर के विद्यालयों में बालिकाओं को शूटिंग का प्रशिक्षण भी दिया है।
आरोपी डॉक्टर पीयूष गुप्ता
- फोटो : amar ujala
कार चालक ने क्रिकेट बैट निकालकर हमला करने की कोशिश की तो वर्तिका ने पुलिस कंट्रोलरूम का नंबर मिलाया। कई बार कॉल करने के बाद भी नंबर नहीं लगा तो उसने वीमेन पॉवर लाइन 1090 नंबर डायल किया। वहां पर कॉल करके उसने शिकायत की तो कॉल टेकर ने उसका नाम-पता पूछा। पता बताने पर कॉल टेकर ने कहा कि वह प्रतापगढ़ जाकर ही शिकायत करें। वर्तिका कहती रही कि वह लखनऊ में है और उससे अभद्रता यहीं पर हुई है लेकिन कॉल टेकर ने उसे प्रतापगढ़ जाने की सलाह देकर फोन काट दिया।
मामले पर एएसपी उत्तरी अनुराग वत्स का कहना है कि शूटर और डॉक्टर के बीच वाहनों की टक्कर को लेकर विवाद हुआ था। डॉक्टर के शराब के नशे में होने की आशंका पर मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें कुछ भी नहीं आया। दोनों तरफ से केस दर्ज करके जांच की जा रही है।