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पत्नी की हत्या कराकर 60 फीट कुएं में डलवाई लाश

Fri, 27 Jun 2014 02:03 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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मोहनलालगंज के पुरसैनी गांव के प्रधान रामशंकर रावत ने पत्नी मंजूलता की हत्या करा कर उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हत्या के बाद शव को साठ फीट गहरे सूखे कुएं में फेंकवा दिया और दो दिन बाद बदबू आने पर उसे पटवा भी दिया। रामशंकर ने मंजूलता की हत्या के लिए अपने एक दोस्त को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी।

सोमवार को इस बात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने प्रधान, उसके दोस्त और सुपारी किलर सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

शव बरामद करने के लिए पुलिस ने सोमवार देर रात कुएं की खोदाई शुरू कराई। मंगलवार शाम करीब सात बजे शव बरामद किया जा सका।

पति ने रची थी ऐसी साजिश

रामशंकर ने 17 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मंजूलता उसी दिन दोपहर प्रधान के दोस्त करन के साथ सफारी से बाजार गई थी।

बाजार पहुंचकर मंजू ने करन को यह कहकर वापस भेज दिया कि काम होने के बाद फोन करके बुला लेगी, लेकिन शाम तक जब मंजूलता का फोन नहीं आया तो प्रधान ने गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई।

मामले की छानबीन कर रही पुलिस की सख्ती पर करन ने बताया कि मंजूलता की हत्या उसके ही पति ग्राम प्रधान रामशंकर रावत ने कराई है।

बकौल करन, हत्या की साजिश 16 जून की रात बनी थी। इसके लिए पास के गांव मऊ के निवासी केतन बाजपेई को 50 हजार रुपये सुपारी दी गई थी।

गाड़ी में कर दी गई मंजूलता की हत्या

साजिश के तहत मंजूलता को रजिस्ट्री के बहाने करन घर से ले गया। मऊ गांव के पास सुपारी किलर केतन और प्रधान के घर चौकीदारी करने वाले भोला को भी गाड़ी में बैठा लिया।

केतन और भोला ने गाड़ी में ही मंजूलता की गला दबाकर हत्या कर दी और शव रात को केतन के पड़ोसी अरुण द्विवेदी के प्लॉट में स्थित सूखे कुएं में फेंक दिया।

इसके बाद प्रधान ने गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने मंजूलता के मोबाइल फोन की डिटेल निकलवाई तो दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद स्विच ऑफ मिला।

करन से पूछताछ के बाद सोमवार रात पुलिस अरुण द्विवेदी के प्लॉट पर पहुंची और कुएं की खोदाई शुरू कराई।

तीन घंटे गाड़ी में शव लेकर घूमते रहे हत्यारे

मंजूलता की हत्या के बाद करन, केतन और भोला तीन घंटे तक शव गाड़ी में लेकर घूमते रहे। करन ने बताया कि मंजू की हत्या के बाद प्रधान को फोन कर सूचना दी गई।

प्रधान करन की दूसरी आल्टो लेकर मऊ गांव के पास पहुंचा। यहां सफारी से शव निकालकर आल्टो की डिक्की में डाल दिया गया। इसके बाद प्रधान सफारी लेकर लौट गया।

जबकि हत्यारे आल्टो में शव लेकर तीन घंटे तक घूमते रहे। रात करीब आठ बजे तीनों कार लेकर केतन के घर पहुंचे। आधी रात को शव पड़ोस के प्लॉट में कुएं में फेंककर झाड़ियों व कूड़े से ढक दिया।
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हत्या के पीछे प्रॉपर्टी या अवैध संबंध

मंजूलता की हत्या के पीछे परिवारीजन करोड़ों की प्रॉपर्टी को वजह मान रहे हैं, जबकि पुलिस अवैध संबंधों को भी कारण मानते हुए छानबीन कर रही है।

त्रिलोकी दास ने बताया कि उसकी बहन का विवाह वर्ष 2002 में रामशंकर रावत से हुआ था। मंजूलता के नाम कई बीघा जमीन और नकदी-जेवर थे।

आरोप है कि प्रधान उस पर जमीन और जेवर बेचने का दबाव डाल रहा था, जिसके लिए मंजूलता तैयार नहीं थी। इसी वजह से रामशंकर ने उसकी हत्या करा दी।
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