निगोहां क्षेत्र के शेरपुर लवल में लकड़ी काटने निकले युवक की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया।
शव बरामद होने पर भाई ने रविवार रात युवक की पत्नी, उसके प्रेमी व ससुर पर अगवा कर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने हादसा बताते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे भाई को पुलिसकर्मियों ने थाने से टरका दिया था।
एसओ निगोहां अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि गांव शेरपुर लवल में जानवर चराने निकले ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों से दुर्गंध महसूस की।
देखने पर युवक का औंधे मुंह शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सीधा कराया। मृतक की शिनाख्त गांव के ही रामसुमिरन कनौजिया उर्फ धुन्नू (35) के रूप में हुई।
बड़े भाई रामरतन ने बताया कि धुन्नू शनिवार सुबह लकड़ी काटने घर से निकला था। देरशाम तक न लौटने पर तलाश शुरू की, कुछ पता न लगने पर रविवार सुबह गुमशुदगी दर्ज कराने थाने गया था लेकिन पुलिसकर्मियों ने रिश्तेदारी में ढूंढने की बात कहकर टरका दिया।
रामरतन ने बताया कि 1995 में रामसुमिरन की शादी गांव मंगटइया के मटरू की बेटी सुमन से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद रामसुमिरन पत्नी व तीन बच्चों शिवम, मयंक व बेटी रिमझिम के साथ गोमतीनगर के विश्वास खंड में रहकर कपड़े धोने व प्रेस करने का काम करने लगा।
इस दौरान सुमन की चिनहट क्षेत्र के लालू नामक व्यक्ति से नजदीकी हो गई। इसे लेकर पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होने लगा।
जान पर खतरा मंडराते देख रामसुमिरन पैतृक घर चला आया और मां रामकली व बड़े भाई रामरतन के परिवार के साथ रहने लगा। दूसरी तरफ सुमन अपने दोनों बच्चों को लेकर चिनहट क्षेत्र में लालू के साथ रहने लगी थी।
रामरतन ने सुमन, मटरू और लालू पर रामसुमिरन को अगवा कर हत्या व शव रेलवे ट्रैक के किनारे झाड़ी में छिपाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि रामसुमिरन को कुछ समय पहले उसकी ससुराल वालों ने धमकी दी थी। इसकी उसने थाने में शिकायत भी की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की लापरवाही के चलते उसकी हत्या कर दी गई।