मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर असलहों से लैस कुछ दबंग ट्रक चालकों से वसूली कर रहे थे।
गुरुवार रात कानपुर के एक ट्रक चालक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने सफारी समेत पांच को दबोच लिया।
हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों को थाने से छोड़ दिया।
चालकों के मुताबिक आरोपी मौरंग व बालू लदे ट्रक चालों से दस हजार रुपये प्रति ट्रक या माल काटने की मांग कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, कानपुर के बसेरा निगोहीं निवासी व ट्रक चालक प्रमोद कुमार ने देर रात शिकायत की थी।
प्रमोद के मुताबिक कानपुर हाइवे पर सूर्या ढाबे के पास टाटा सफारी में सवार कुछ दबंग असलहे के दम पर ट्रक रोक कर दस हजार रुपये वसूली की मांग कर रहे हैं।
रुपये न देने पर दबंग ट्रक पर लदी आधी मौरंग देने का दबाव बना रहे हैं।
पहले तो पुलिस ने चालक को टरका दिया। मगर, थोड़ी ही देर में बंथरा थाने पर ट्रक मालिकों व चालकों की भीड़ जमा हो गई। सभी का आरोप था कि पुलिस की शह पर यह वसूली का धंधा चल रहा है।
ट्रक मालिकों का गुस्सा देख पुलिस ने छापेमारी कर सूर्या ढाबे के पास से सफारी समेत पांच को दबोच लिया। जबकि असलहों से लैस बाकी लोग एक अन्य वाहन में बैठकर फरार हो गए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जानकीपुरम के छुईयापुरी निवासी राज बाबू यादव, अनूप कुमार यादव, तेलीबाग के सैनिक नगर निवासी राकेश सिंह, विनय सिंह व व्योम रावत के रूप में हुई।
राज बाबू यादव व उसका भाई अनूप खुद को सीएम का रिश्तेदार बता रहा था। जबकि राकेश सिंह ट्रक मालिक है।
राज बाबू की सफारी पर प्रदेश अध्यक्ष उप्र ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन का स्टीकर लगा था। वह खुद को प्रदेश अध्यक्ष भी बता रहा था।
लखनऊ की सीमा पर करता था वसूली
पुलिस का कहना है कि आरोपी घाटमपुर, कानपुर व लखनऊ की सीमा पर वसूली करते था। एसओ बंथरा वीरेंद्र कुमार यादव का कहना है कि चालक की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मगर जिन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उनमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। इसलिए आरोपियों को थाने से छोड़ दिया गया है।
एसओ ने बताया मुकदमे की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट भेज दी गई है। अब आरोपी कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे।
सुना रहा था अखिलेश से दोस्ती का किस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी राज बाबू यादव ने थाने में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अपनी दोस्ती का किस्सा सुनाकर एसओ को दबाव में लेने की कोशिश की। सीएम का नाम आते ही पहले तो पुलिस भी कुछ दबाव में आ गई। लेकिन ट्रक चालकों के दबाव में आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर दी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने आरोपी राजबाबू व उसके समर्थकों को बाकायदा थाने में कुर्सी देकर बैठाया और उसके बाद थाने से ही जमानत देकर वापस भेज दिया।