निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपी मैग्नम फाइनेंस के संचालक अरुण चतुर्वेदी को गुडंबा पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है।
उसके भाई व एक सहयोगी महिला की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। तीनों के खिलाफ गुडंबा थाने में 39 मामले दर्ज हैं। विभिन्न थानों के पांच सबइंस्पेक्टरों की टीम द्वारा तफ्तीश की जा रही है।
एसओ गुडंबा रामप्रसाद यादव ने बताया कि पुलिस टीम को साथ लेकर आज सुबह मड़ियांव के नायकनगर में अरुण चतुर्वेदी के घर दबिश दी। वहां मौजूद मैग्नम फाइनेंस के संचालक अरुण चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया।
उसे भाई वरुण चतुर्वेदी व सहयोगी नीलम की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। तीनों के खिलाफ गुडंबा थाने में जालसाजी, रकम हड़पने व अन्य धाराओं के तहत 39 मामले दर्ज हैं।
इनकी तफ्तीश के लिए एसएसपी ने हजरतगंज कोतवाली के एसआई श्याम चंद्र त्रिपाठी, महानगर कोतवाली के तरुण कुमार पांडेय, हसनगंज कोतवाली के राजेंद्र सिंह, नाका कोतवाली के टीपी वर्मा व राजीव सिंह की टीम गठित की थी।
मोहल्ला नारायणनगर निवासी सत्येंद्र कुमार मिश्रा द्वारा 21 अगस्त को दर्ज कराई एफआईआर की तफ्तीश कर रहे एसआई श्याम चंद्र त्रिपाठी ने आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करके गुडंबा पुलिस को तीनों को पकड़ने को कहा था।
विवेचक श्याम चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सत्येंद्र ने मैग्नम फाइनेंस के संचालक अरुण चतुर्वेदी, वरुण चतुर्वेदी व नीलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों पर लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर रकम हड़पने व तगादे पर गालीगलौज, धमकाने का आरोप है।