जानकीपुरम क्षेत्र में शुक्रवार को मॉर्निंग वॉक पर निकली रिजर्व पुलिस लाइन की महिला कांस्टेबल ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। बताते हैं कि वह कई दिनों से डिप्रेशन का शिकार थी।
तबीयत ठीक न होने की वजह से वह दीपावली के बाद से ड्यूटी पर भी नहीं गई थी। महिला सिपाही के निजी ड्राइवर ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
सूचना पर एसएसपी समेत कई अफसर भी घटनास्थल पर पहुंचे। छह घंटे बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मूल रूप से लखीमपुर जिले में गोला की निवासी महिला कांस्टेबल सूरजमुखी (55) पति से विवाद के चलते कई वर्षों से अकेले रह रही थी।
तीन माह से वह रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कर दी गई थी जिसके बाद महिला कांस्टेबल ने मड़ियांव के खदरी में सिपाही देशराज वर्मा के मकान में कमरा किराए पर लिया था।
महिला कांस्टेबल अपने निजी कार चालक दिलीप सिंह उर्फ पप्पू के साथ रहती थी। महिला कांस्टेबल सुबह तकरीबन पांच बजे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकली थी।
खदरी स्थित रेल ट्रैक पर सुबह छह बजे के करीब उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह देख आसपास के लोग दौड़े लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
जानकीपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और शिनाख्त के लिए लोगों को बुलाया मगर पहचान नहीं हुई। काफी देर तक महिला के घर न लौटने पर चालक दिलीप ने तलाश शुरू की और सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचकर उसने शिनाख्त की।
इसके बाद महिला कांस्टेबल की बहनें सुमन व मनोरमा भी मौके पर पहुंचीं। एसएसपी प्रवीण कुमार समेत तमाम अफसरों ने भी वहां पहुंच जायजा लिया।
इंस्पेक्टर रामविशाल यादव ने बताया महिला कांस्टेबल कई दिनों से डिप्रेशन में थी जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है।