अलीगंज क्षेत्र में सोमवार सुबह ब्रेड लेने गई पांचवीं की छात्रा गायब हो गई। परिवारीजनों ने थाने जाकर पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार शाम छात्रा बेसुध मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर मिली।
परिवारीजनों ने भरतनगर मड़ियांव निवासी अतुल दीक्षित नाम के युवक पर अगवा कर रेप का आरोप लगाते हुए अलीगंज थाने में शिकायत की। उधर, एफआईआर दर्ज कर छात्रा का मेडिकल कराने के बजाए पुलिस मामला रफा-दफा करने में जुटी रही।
पुलिस के इस रवैए से गुस्साए छात्रा के परिवारीजनों और मोहल्ले के लोगों ने बुधवार शाम थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। एसओ अलीगंज वीरेंद्र बहादुर यादव का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी के भाई ने बताया लड़की का पता
बच्ची के पिता ने बताया कि वह सोमवार सुबह करीब आठ बजे घर से दुकान की ओर गई। काफी देर तक नहीं आई तो मैंने तलाश शुरू की। कुछ लोगों ने बताया कि अतुल दीक्षित उसे बहला-फुसलाकर ले गया है।
मैं अलीगंज थाने गया तो पुलिस ने गल्लामंडी चौकी जाने की बात कहकर टरका दिया। गल्लामंडी चौकी पहुंचे पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगलवार शाम अतुल के भाई ने छात्रा के मामा को बताया कि छात्रा मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन पर बेसुध पड़ी है। घर वाले स्टेशन पहुंचे और उसे घर लेकर आए।
परिवारीजनों का कहना है कि छात्रा ने अतुल पर अपहरण और दुराचार का आरोप लगाया। पिता के अनुसार अतुल बेटी को फुसलाकर ट्रेन से सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र के नीलगांव ले गया और दुराचार किया।
इसके बाद अतुल भाग गया और उसके रिश्तेदार ने छात्रा को 500 रुपये देते हुए घर जाने के लिए ट्रेन में बैठा दिया। छात्रा किसी तरह स्टेशन पहुंची और बेसुध होकर गिर पड़ी।
क्या अपनी मर्जी से भागी थी लड़की?
इधर पुलिस सूत्रों का कहना है कि छात्रा और अतुल के बीच दोस्ती है। परिवारीजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने छात्रा की पिटाई की थी। इससे नाराज होकर छात्रा खुद ही घर से भागी थी।
बेटी के गायब होने और संदिग्ध परिस्थितियों में उसके मोहिबुल्लापुर स्टेशन पर मिलने के बीच पीड़ित परिवार को पुलिस इधर से उधर दौड़ाती रही। छात्रा के परिवारीजन अलीगंज थाने गए तो उन्हें गल्लामंडी चौकी भेज दिया गया।
यहां चौकी इंचार्ज से पीड़ितों ने अतुल के घर दबिश देने की बात कही तो उन्होंने मड़ियांव थाना क्षेत्र का मामला होने की बात कहकर टरका दिया।
पीड़ित परिवारीजन मड़ियांव थाना पहुंचे तो घटनास्थल सीतापुर के अटरिया होने की जानकारी देते हुए उन्हें वहां जाने की सलाह दे दी गई। कई घंटे परिवारीजन इधर से उधर चक्कर काटते रहे और किसी थाना की पुलिस ने छात्रा को ढूंढने की कोशिश तक नहीं की।