धोखाधड़ी कर नौकरी हासिल करने वाले तीन मुन्नाभाइयों के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इनमें दो राजस्थान के हैं जबकि एक दिल्ली का रहने वाला है। नियुक्ति के बाद तीनों के प्रमाणपत्र के वेरीफिकेशन में इस खेल का खुलासा हुआ।
अलीगंज सेक्टर-बी स्थित स्टेट बैंक लर्निंग सेंटर के सहायक महाप्रबंधक (प्रशिक्षण) मधुकर रंजन के मुताबिक बैंक में सहायक के पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था।
इसमें सवाई माधोपुर राजस्थान की बमनवास तहसील के फूलवाड़ा गांव निवासी रूप सिंह मीना, करौली सतपुरा के बोकला गांव निवासी वाले बृज मोहन बैरवा और नई दिल्ली की सनलाइट कॉलोनी निवासी देवराज कुमार ने आवेदन किया था।
बैंक की तरफ से तीन जून 2012 को लिखित परीक्षा तय करते हुए सभी आवेदकों को कॉल लेटर भेजे गए।
रूप सिंह मीना की परीक्षा सीतापुर रोड मदेयगंज स्थित अवध एजुकेशनल एकेडमी में थी जबकि, बृज मोहन का सेंटर कानपुर रोड स्कीम में न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज में था।
देवराज कुमार की परीक्षा पिकनिक स्पॉट रोड स्थित खुर्रमनगर गर्ल्स इंटर कॉलेज में थी। तीनों ने कॉल लेटर पर जानबूझकर धुंधली और अस्पष्ट तस्वीरें लगाई थीं। परीक्षा में तीनों ने अपनी जगह सॉल्वर भेज दिए।
लिखित परीक्षा पास करने के बाद तीनों को नियुक्ति का लेटर भेजा गया। तीनों जब इंटरव्यू के लिए पहुंचे तो प्रमाण पत्रों के वेरीफिकेशन में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।
तीनों आवेदकों के लिखित परीक्षा फार्म में लगी फोटो और उसमें भरा गया विवरण तथा वेरीफिकेशन फार्म की फोटो और हस्ताक्षर अलग थे।
तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के जरिए बैंक में नौकरी हासिल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।