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72 सौ रुपये लेकर आओ और बेटा ले जाओ

Mon, 11 Nov 2013 01:56 AM IST
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
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जौनपुर से लापता एक बच्चे को मानव तस्करी करने वाले गिरोह ने राजधानी के एक होटल पर बेच दिया।
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बच्चे का दुखड़ा सुन टैक्सी चालक ने उसके परिवार को फोन कर कहा कि 72 सौ रुपये लेकर आओ और बच्चा ले जाओ।

दो हफ्ते से बच्चे की तलाश में खाक छान रहे मां-बाप रिश्तेदारों के साथ पहुंचे। टैक्सी चालक काफी देर तक उन्हें भटकाता रहा।

आखिर में पिता की शिकायत पर हुसैनगंज पुलिस पहुंची, लेकिन सीमा विवाद के चलते सभी को हजरतगंज कोतवाली के गेट पर छोड़कर चली।

बात फैलने पर हजरतगंज पुलिस ने पड़ताल शुरू की है। फिलहाल मामला लापता बच्चे के परिवार से रकम ऐंठने की साजिश का नजर आ रहा है।

जौनपुर के गांव उमरपुर निवासी जिलाजीत गिरि ने बताया कि सातवीं में पढ़ने वाला बेटे आकाश (13) को 28 अक्तूबर को उसकी मां ने डांट दिया था।

इससे नाराज आकाश 29 अक्तूबर को घर से भाग निकला। काफी तलाश के बाद भी पता न चलने पर थाने में सूचना दी और पोस्टर व पर्चे छपवाकर बांटे।

जिलाजीत के अनुसार शनिवार सुबह दुर्गेश सिंह नामक व्यक्ति का फोन आया। खुद को टैक्सी चालक बताने वाले दुर्गेश ने बताया कि आकाश उसे लखनऊ के लालबाग स्थित एक होटल के बाहर मिला है। कोई उसे बेच गया है।

बच्चा बहुत रो रहा है। 72 सौ रुपये लेकर जल्द से जल्द आओ और बच्चे को ले जाओ। मेहनत मजदूरी कर परिवार पालने वाले जिलाजीत ने किसी तरह रुपये जुटाए और लखनऊ पहुंचे दुर्गेश को फोन किया।
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इस पर दुर्गेश उन्हें लालबाग स्थित होटल पर ले गया, फिर बोला बच्चा अब यहां नहीं है। होटल मैनेजर राहुल मिश्रा उसे अपने दूसरे होटल पर ले गया है।

इसके बाद परिवार को चारबाग ले जाकर एक स्थान पर राहुल से मुलाकात कराई और पहले रुपये देने का दबाव बनाने लगा।

संदेह पर जिलाजीत ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन कर दिया। हुसैनगंज कोतवाली का एक दरोगा मौके पर पहुंचा।

घटनास्थल हजरतगंज क्षेत्र का बताते हुए जिलाजीत समेत अन्य लोगों को हजरतगंज कोतवाली पहुंचा कर चलता बना।

हजरतगंज पुलिस भी टालमटोल के साथ मामला जौनपुर का बताने लगी। इस बीच मीडिया को भनक लग गई।

इस पर हरकत में आई पुलिस ने दुर्गेश व उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर तहकीकात शुरू की है। फिलहाल आकाश का कुछ पता नहीं चला है।

जालसाजी का शक
पुलिस को शक है कि रायबरेली निवासी दुर्गेश सिंह को आकाश की गुमशुदगी की जानकारी के साथ परिवार का मोबाइल नंबर मिल गया।

इस पर उसने साथी राहुल की मदद से रकम ऐंठने के इरादे से आकाश की 72 सौ रुपये में बिक्री की कहानी सुनाकर जिलाजीत को बुलाया।

इधर-उधर भटकाने के साथ रुपये ऐंठने के प्रयास में था। इस बीच जिलाजीत ने पुलिस से शिकायत कर दी।

होटल में बच्चे की बिक्री का दावा
दुर्गेश सिंह से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। बावजूद इसके वह शनिवार सुबह आकाश से होटल के बाहर मुलाकात की बात पर अड़ा रहा।

साथ ही कहा कि आकाश ने ही उसे परिवार का नंबर दिया और 72 सौ रुपये में बेचे जाने की जानकारी दी थी।

इसके बाद मैनेजर राहुल मिश्रा ने भी बच्चा खरीदने की बात कही थी। पुलिस ने उसके बयान की सच्चाई जानने के लिए राहुल को फोन किया। माजरा समझते ही राहुल ने फोन बंद कर दिया।
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