अलीगंज क्षेत्र से रहस्यमय हालात में लापता जिस मासूम की तलाश में मां-बाप 25 दिन से दर-दर भटक रहे थे वह थोड़ी दूर पर एक घर में बंधक बना था। उससे घरेलू नौकर की तरह बर्ताव हो रहा था।
बेरहम दंपती जरा सी चूक पर उसे खूब पीटते थे। सशंकित पड़ोसियों ने शनिवार सुबह बच्चे के रोने की आवाज सुनकर पुलिस बुलाई और उसे दंपती के चंगुल से मुक्त कराने के साथ मां-बाप को सौंप दिया।
प्रीतिनगर-प्रथम निवासी राजेश कश्यप के घर में शनिवार सुबह एक बच्चे की पिटाई और उसके रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी जय नारायण शर्मा की पत्नी मीना को संदेह हुआ।
मीना ने अपने पति की मदद से राजेश के घर दस्तक दी। दरवाजा न खुलने पर उसने पड़ोसी अन्नू और सोनू को बुला लिया। इसके साथ ही पुलिस को भी सूचना दी। थोड़ी देर नोकझोंक के बाद राजेश ने दरवाजा खोला।
पड़ोसियों ने वहां बंधक बने आशीष (3 वर्ष) को छुड़ाने के साथ राजेश व उसकी पत्नी रूपा से पूछताछ शुरू की। दोनों ने पहले कहा कि उसके परिचित का बेटा है। फिर बोले कि महीना भर पहले भटकता मिला था।
सूचना पर पहुंची मड़ियांव पुलिस ने दंपती को हिरासत में लिया और बच्चे के साथ उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। पता चला कि अलीगंज के त्रिवेणी नगर द्वितीय निवासी तीजू का बेटा आशीष 16 दिसंबर से लापता है।
इस पर तीजू को बुलाया गया। पत्नी के साथ थाने पहुंचे तीजू ने बच्चे को देखते ही छाती से लगा लिया। उसने बताया कि घर के सामने खेलते समय आशीष लापता हो गया था,गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखाई थी।
इसके बाद से उसे जगह-जगह ढूंढते फिर रहे थे। उसके चार बच्चे चांदनी, रोशनी, आशीष और अंकित भी हैं। बच्चे के मां-बाप मिलने पर पुलिस ने राजेश व रूपा से कड़ाई से पूछताछ की।
तहकीकात में खुलासा हुआ कि घर से भटका आशीष एक रिक्शा चालक को मिला था। उसने दो-तीन दिन साथ रखा। इसके बाद एक मजदूर को सौंपा। परवरिश न कर पाने पर चाट का ठेला लगाने वाले राजेश के हवाले कर दिया।
दंपती को पुलिस की क्लीन चिट
इंस्पेक्टर अलीगंज पीके झा ने राजेश कश्यप और उसकी पत्नी रूपा से पूछताछ के बाद दोनों को क्लीनचिट देकर छोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक भटकते मिले बच्चे को दंपती ने अपने घर में पनाह दी थी और उसकी परवरिश कर रहे थे।
बच्चे के लावारिस मिलने की सूचना पुलिस को न देने व आसपास के लोगों से सच्चाई छुपाने के साथ बच्चे पर जुल्म ढाने के सवाल पर इंस्पेक्टर का कहना है कि दंपती ने लापरवाही की थी लेकिन उनकी नीयत आपराधिक नहीं थी।