लखनऊ में वंश चलाने के लिए बेटे की चाहत रखे ससुराल वालों ने बेटी के जन्म के बाद से बहू को सताना शुरू किया। चार साल बाद दोबारा गर्भवती होने पर पति ने चेकअप के बहाने डॉक्टर के पास ले जाकर भ्रूण के लिंग की जांच कराई।
कोख में बेटी का पता चलने पर डरा-धमकाकर गर्भपात कराया। विरोध पर जलाकर मार डालने की कोशिश की। दस लाख की मांग के साथ उसे घर से खदेड़ दिया। महिला ने मड़ियांव थाने में केस दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर मड़ियांव राघवन कुमार सिंह के मुताबिक, जानकीपुरम के अभिषेकपुरम निवासी राजेश वाजपेयी ने फरवरी 2012 में बेटी सिंधुजा की शादी मड़ियांव के गायत्रीनगर केशवनगर के सचेंद्र तिवारी से की थी।
वह दवा कंपनी में प्रतिनिधि था। सालभर बाद सिंधुजा ने बेटी गुनगुन को जन्म दिया। इससे खफा ससुराल वाले सिंधुजा को प्रताड़ित करके बेटी जनने व दहेज के ताने देने लगे। इससे तंग सिंधुजा ने माता-पिता को जानकारी दी।
बात पुलिस तक पहुंची तो ससुरालवालों ने प्रताड़ित न करने का आश्वासन दिया। इस बीच सचेंद्र ने एमआर की नौकरी छोड़ दूसरे काम के साथ अगरबत्ती बनाने की फैक्ट्री लगाई। कुछ दिनों पहले फैक्ट्री में संदिग्ध हालात में आग लग गई। ससुराल वालों ने पुन:स्थापित करने के लिए सिंधुजा पर मायके वालों से दस लाख रुपये दिलाने का दबाव बनाया। इस बीच सिंधुजा के गर्भवती होने की भनक लगी।
डरा-धमकाकर कराया गर्भपात
डेमो
आरोप है कि सचेंद्र उसे चेकअप के बहाने डॉक्टर के पास ले गया। दवा कंपनी के प्रतिनिधि रहे सचेंद्र ने डॉक्टरों से संबंध के चलते अल्ट्रासाउंड के दौरान सिंधुजा की कोख में पल रहे भ्रूण के लिंग का पता लगा लिया। परिवारवालों को बताया कि सिंधुजा दोबारा बेटी को जन्म देने वाली है।
इससे ससुराल वाले बौखला गए। डरा-धमकाकर गर्भपात कराया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इस बीच 18 जून को राजेश वाजपेयी अपनी पत्नी को साथ लेकर बेटी की की ससुराल पहुंचे। सिंधुजा ने उन्हें बेटी जनने पर हो रहे जुल्म व गर्भपात की जानकारी दे दी।
इस पर ससुराल वालों ने उन्हें धक्के देकर खदेड़ा और दो दिन बाद पति, सास, देवर, ननद-ननदोई ने सिंधुजा को हाथपैर बांधकर पीटने के बाद जलाकर मारने के इरादे से शरीर पर केरोसिन उड़ेल दिया। शोर मचाकर किसी तरह खुद को चंगुल से छुड़ाने के साथ सिंधुजा ने पिता को कॉल की।
वह आननफानन में बेटी की ससुराल पहुंचे। ससुराल वालों ने सिंधुजा को चार साल की बेटी समेत घर से निकाल दिया। पिता के साथ जानकीपुरम थाने पहुंची। पुलिसकर्मियों ने पीएम के कार्यक्रम में व्यस्तता की बात कहकर टरकाया। अगले दिन उसे मड़ियांव थाने का रास्ता दिखा दिया।