वह दिन लदने लगे हैं जब चोरी या गुम हुए मोबाइल का आईएमईआई नंबर से सर्विलांस सेल के जरिए पता लगा लिया जाता था।
मार्केट में अब ऐसा सॉफ्टवेयर आ गया है जिसके जरिए आईएमईआई नंबर बदले जा रहे हैं।
शहर में सिर्फ सौ रुपये में आईएमईआई नंबर बदलने का धंधा चल रहा है। सर्विलांस सेल अब सिर्फ वही मोबाइल ढूंढ पा रही है जो अनाड़ी के हाथ लगे हों या फिर सस्ते हों।
मोबाइल ट्रेसिंग सेल में डेढ़ महीने में 150 से ज्यादा मोबाइल गुम होने की सूचना मिली।
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सेल के प्रभारी अतुल अग्निहोत्री ने एसएसपी के कैंप ऑफिस, क्राइम ब्रांच, एसपी पूर्वी व ट्रांसगोमती के सर्विलांस सेल को इनका पता लगाने का जिम्मा सौंपा लेकिन एक भी मोबाइल अभी तक ढूंढे नहीं मिला।
इसके अलावा चारों स्थानों पर पहले से भी कई मोबाइलों की तलाश जारी है। कम कीमत के कुछ मोबाइल ढूंढ निकाले गए लेकिन महंगे मोबाइलों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
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जो मोबाइल किसी सामान्य व्यक्ति के हाथ में लगे हैं उन्हें ही ढूंढा जा सका है। एसएसपी की सर्विलांस सेल के प्रभारी नागेंद्र चौबे ने बताया कि मार्केट में साफ्टवेयर के जरिए मोबाइल के आईएमआई नंबर बदले जा रहे हैं।
सूत्रों ने जानकारी दी कि दो हजार से अधिक कीमत वाले मोबाइलों के आईएमईआई नंबर के स्थान पर चाइनीज मोबाइल के आईएमईआई नंबर पेस्ट किए जा रहे हैं।
आईएमईआई नंबर रहित चाइनीज मोबाइल के पुर्जे पुराने मोबाइलों की मरम्मत में काम आ रहे हैं। यह धंधा नाका समेत विभिन्न स्थानों पर चल रहा है। पुलिस ने आईएमईआई नंबर बदलने वालों की तलाश शुरू की है।
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