यूपी के काकोरी के गांव जेहटा में श्रीराम का कत्ल किसी और ने नहीं बल्कि उसी के हिस्ट्रीशीटर बेटे ने एक साथी की मदद से किया था।
जमीन बेचने से मिली रकम उड़ाने को लेकर हिस्ट्रीशीटर अपने पिता से इतना नाराज था कि उनका कत्ल ही कर दिया।
पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। खास बात यह है कि हत्या के बाद रिपोर्ट भी उसी ने दर्ज कराई थी।
एएसपी ग्रामीण हबीबुल हसन ने बताया कि गांव जेहटा में 11 सितंबर की रात श्रीराम रैदास (50) के कातिलों की तलाश चल रही थी।
इस दौरान इंस्पेक्टर काकोरी मुखराम यादव को पता चला कि श्रीराम ने अपनी कई जमीनें बेची थीं। इससे करीब 80 लाख रुपये मिले, जिन्हें वह शराब में उड़ा रहा था।
इसे लेकर उसका बेटा सरवन नाराज था। इस जानकारी पर पुलिस ने सरवन का मोबाइल सर्विलांस पर लिया। पता चला कि हरदोई के संडीला क्षेत्र के गांव सोम निवासी लालाराम उर्फ अजय के साथ मिलकर सरवन ने अपने पिता श्रीराम की हत्या की थी।
ठोस जानकारी जुटाकर पुलिस ने सरवन को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बांका बरामद कर लिया।
पुलिस के हत्थे चढ़े सरवन ने कुबूला कि जमीन बेचने से मिले रुपये पानी की तरह बहा रहे पिता श्रीराम ने कहा था कि अपने जीते जी एक रुपया भी नहीं देंगे। इस पर अपने दोस्त लालाराम को एक लाख रुपये का लालच देकर वारदात अंजाम दे डाली।