कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री की नाराजगी भी राजधानी पुलिस को सुधार नहीं पा रही है। घूसखोरी और वसूली में डूबे ट्रैफिक सिपाहियों को अफसरों का खौफ भी नहीं रहा।
बाराबिरवा पर घूसखोरी करना ट्रैफिक सिपाहियों को महंगा पड़ गया। एसएसपी ने स्कूटी को टक्कर मारने वाले चालक को पकड़ कर छोड़ने के आरोप में बृहस्पतिवार को ट्रैफिक के हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल को निलंबित कर दिया।
एसएसपी के प्रवक्ता आलोक पाठक के मुताबिक 12 जनवरी को बाराबिरवा चौराहे पर एक इंडिगो कार चालक ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मार दी थी। विरोध पर कार से उतरा चालक अभद्रता करने लगा।
इस पर युवती ने राहगीरों की मदद से आरोपी को पकड़ कर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक के हेड कांस्टेबल सुरेश शुक्ला एवं कांस्टेबल भैरव नाथ सिंह यादव के हवाले किया था। बाद में ट्रैफिक सिपाहियों ने चालक को छोड़ दिया।
युवती ने एसएसपी से मिलकर शिकायत करते हुए बताया था कि चालक ने सिपाहियों की मुट्ठी पर कुछ रखा था। इसके बाद दोनों चालक को लेकर किनारे गए और फिर थाड़ी देर बाद हिदायत देते हुए छोड़ दिया।
एसएसपी ने मामले की जांच सीओ ट्रैफिक राजेश यादव को सौंपी। आरोप सही पाए जाने पर एसएसपी ने ट्रैफिक हेड कांस्टेबल सुरेश शुक्ला एवं कांस्टेबल भैरव नाथ सिंह यादव को निलंबित कर दिया है।
रकम कितनी थी नहीं हुआ खुलासा
सीओ राजेश यादव के अनुसार युवती ने आरोप लगाया था कि इंडिगो कार चालक ने सिपाहियों को मुट्ठी में कुछ दिया,जिसके बाद सिपाहियों ने चालक को छोड़ दिया। जांच में यह तो साबित हुआ कि चालक ने मुट्ठी में कुछ दिया था। मगर रकम कितनी थी इसका पता नहीं चल सका।