इलाहाबाद के सोरांव निवासी महिला ने धूमनगंज एसओ पर रेप का आरोप लगाया है।
बुधवार को डीजीपी मुख्यालय आई पीड़िता ने एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल के कार्यालय में शिकायत की।
पीड़िता का कहना है कि वह कई दिन से चक्कर लगा रही है लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
पीड़िता ने बताया कि उसके पिता वाराणसी में पुलिस में तैनात हैं। दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ी पीड़िता ने बताया कि 21 नवंबर 2011 को परिवारीजनों ने मारपीटकर उसे दोगा धर्मेंद्र प्रताप सिंह को सौंप दिया था।
उस वक्त धर्मेंद्र एसटीएफ इलाहाबाद में तैनात था। धर्मेंद्र से पिता का रुपयों का लेन-देन था। पीड़िता का कहना है कि पिता रुपये नहीं दे सके तो उसे ही दरोगा के हवाले कर दिया।
आरोप है कि दरोगा के घर से उसे बाहर नहीं निकलने दिया जाता था। उससे रोज झाड़ू-पोछा कराया जाता व खाना बनवाया जाता था।
पीड़िता का कहना है कि करीब डेढ़ साल वह बंधक बनी रही। इस दौरान धर्मेंद्र ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
15 जून 2013 को वह किसी तरह भागकर अपने घर पहुंची और परिवारीजनों को आपबीती सुनाई।
पीड़िता का कहना है कि उसकी मदद के बजाए परिवारीजनों ने मारपीटकर भगा दिया।
उस पर धर्मेंद्र के साथ ही रहने का दबाव बनाया। पीड़िता ने एडीजी कानून व्यवस्था के कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है।