जिसके संग सात फेरे लिए। साथ जीने-मरने की कसम खाई और सुनहरे जीवन के सपने देखे। उसका असली रूप सामने आने पर जिंदगी में अंधेरा छा गया।
युवती को शादी के बाद छह माह तक एक ही कमरे में कैद कर मारपीट करता रहा। इसके बाद अचानक उसे मायके भेज दिया।
छानबीन करने पर युवक के पहले से शादीशुदा होने का खुलासा हुआ। शिकायत पर गोमतीनगर पुलिस ने दोनों को बुलाया।
पत्नी मानने से इन्कार करने पर भड़की युवती ने थाने में ही उसकी पिटाई शुरू कर दी। इसके साथ ही शादी के साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश कर रही है।
बाराबंकी के कीढ़ीकपुरवा निवासी लक्ष्मी की शादी 18 फरवरी 2014 को गोमतीनगर के खरगापुर निवासी आलोक वर्मा से हुई थी।
पिता माता प्रसाद के अनुसार अंबेडकर पार्क में बतौर हाउसकीपर तैनात आलोक ने खुद को अविवाहित बताया था। ससुराल आने के कुछ ही दिन बाद पति ने लक्ष्मी को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
किसी से भी मिलने पर बंदिश लगाते हुए एक कमरे में कैद कर दिया। यहां तक कि मायके वालों से भी मुलाकात पर रोक लगा दी।
लक्ष्मी के अनुसार 18 जुलाई को आलोक अचानक उसे मायके छोड़ आया। पूरी जानकारी के बाद लक्ष्मी का भाई राहुल नौ अगस्त को आलोक से बात करने राजधानी पहुंचा।
तलाशता हुआ आलोक के भाई प्रिंस की कॉस्मेटिक शॉप पर पहुंचा। जीजा कहकर संबोधित करते ही आलोक भड़क गया।
इसे लेकर कहासुनी के बाद दोनों में मारपीट भी हुई। तब उसे आलोक के पहले से शादीशुदा होने का पता चला। आसपास के लोगों के अनुसार वर्ष 2002 में आलोक की शादी हुई थी।
पत्नी नीतू और चार वर्षीय बेटा अनुराग टांडा स्थित उसके पैतृक आवास में रहते हैं। बहन के साथ हुए धोखे की जानकारी से सकते में आए राहुल ने घर पहुंच परिवार को पूरी जानकारी दी।
इसके बाद रविवार को बहन व परिवार के अन्य लोगों के साथ गोमतीनगर थाने पहुंचा।
पुलिस के बुलाने पर पहुंचे आलोक ने लक्ष्मी को पहचानने से ही इन्कार कर दिया। साथ आए परिवार के लोग भी उसका साथ देते रहे।
कई घंटे तक गोमतीनगर थाने में हंगामा चलता रहा। लक्ष्मी ने फरेबी पति को कई थप्पड़ जड़ने के साथ ही पुलिस को शादी का एलबम और वीडियो दिखाया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आलोक व उसके पिता मंशा राम को हिरासत में ले लिया है।