जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ ही फर्जीवाड़े के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बेखौफ जालसाज आम आदमी तो दूर नेता, मंत्रियों और बड़े-बड़े अफसरों तक को चपत लगाने से नहीं चूक रहे।
बीकेटी में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। अब प्रॉपर्टी डीलरों ने पुलिस विभाग के रिटायर्ड डीआईजी को बेची जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से कर्ज ले लिया।
इसके बाद जमीन एक सोसाइटी को बेच दी। रिटायर्ड डीआईजी ने मंगलवार को बीकेटी थाने में दो भाइयों समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस विभाग में उप महानिरीक्षक पद से रिटायर हुए सर्वोदयनगर निवासी आईपीएस गोपाल कृष्ण शुक्ला ने 17 सितंबर 1990 में बीकेटी के गांव मदारीपुर में लालजी से जमीन खरीदी थी।
कुछ जमीन लालजी के भाई ईश्वरददीन से भी ली गई थी। जमीन की देखभाल का जिम्मा स्थानीय राम विलास और राकेश सिंह के सौंप रखा था।
रिटायर्ड अफसर के अनुसार खरीदी गई जमीन में लगे नलकूप में लालजी व ईश्वरदीन ने बिना अनुमति सबमर्सिबल लगा लिया। हालांकि बाद में दोनों के माफी मांगने पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
रिटायर्ड डीआईजी के अनुसार कुछ माह पहले यूको बैंक की बीकेटी शाखा से उनकी जमीन पर लोन लिए जाने की जानकारी हुई।
पड़ताल पर पता चला कि लालजी व ईश्वरदीन ने जमीन को अपना बताते हुए फर्जीवाड़ा किया है। कोई कार्रवाई करते इससे पहले ही तहसील से जमीन बेचे जाने की जानकारी मिली।
पता चला कि लोन लेने के साथ ही दोनों भाइयों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उक्त जमीन की रजिस्ट्री अलीगंज निवासी जनमेजय खरवार के नाम कर दी है।
जालसाजी की पुष्टि होने पर रिटायर्ड अफसर ने दोनों भाइयों के साथ ही अलीगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर जनमेजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।