टिस्का होल्डिंग कंपनी द्वारा लाखों की ठगी उजागर होने लगी है। कंपनी के निदेशकों ने जमीन की खरीद-फरोख्त के धंधे में 20 प्रतिशत मासिक ब्याज का झांसा देकर अनेक लोगों से लाखों का निवेश कराया।
तगादे पर धमकी देनी शुरू कर दी। शुक्रवार रात ठगी का शिकार बने दिल्ली के चार व्यापारियों की शिकायत पर विभूति खंड पुलिस ने अलग-अलग चार मुकदमे पंजीकृत किए हैं।
इसमें कंपनी के निदेशकों समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। इससे पूर्व एक मुकदमा पंजीकृत किया जा
चुका है।
एसओ विभूति खंड पंकज कुमार सिंह ने बताया कि शालीमार टावर में टिस्का होल्डिंग कंपनी के निदेशकों ने जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर अनेक लोगों से लाखों का निवेश कराया।
उन्हें निवेश की गई रकम पर 15 से 20 प्रतिशत मासिक ब्याज का झांसा दिया था। इसके साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्लॉट का भी आश्वासन था। ब्याज या प्लॉट न मिलने पर निवेशकों ने तगादा किया तो उन्हें धमकी देने लगे।
ठगी का शिकार बने नई दिल्ली के मायापुरी निवासी व्यवसायी मनोज कुमार ने बीते चार दिसंबर को टिस्का होल्डिंग कंपनी के निदेशक जानकीपुरम के सहारा सिटी निवासी राजेश राठौर व रामा देवी राठौर, आगरा निवासी हिमांशु परिहार व ऋतु परिहार, कंपनी के अधिकारी नदीम, वीर बहादुर सिंह व मुकेश के खिलाफ जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
दिल्ली के ही राजेश कुमार, जगमोहन व बांकेलाल शर्मा ने भी 26 लाख रुपये ठगी की शिकायत की थी। पुलिस ने व्यापारियों की तहरीर को विवेचना में शामिल कर लिया है।
शुक्रवार को व्यापारी राजेश कुमार, जगमोहन व बांकेलाल और उड़ीसा के व्यवसायी बृज सुंदर मिश्रा ने धोखाधड़ी कर 45 लाख रुपये हड़पने की एसएसपी जे रवींदर गौड से शिकायत की जिस पर एसएसपी ने चारों व्यापारियों का अलग-अलग मुकदमा पंजीकृत करने के निर्देश दिए।
एसएसपी के निर्देश पर एसओ विभूतिखंड ने चार अन्य मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।