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लोन के नाम पर फाइनेंस कंपनी ने लगाई चपत

Tue, 29 Oct 2013 02:28 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
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फाइनेंस कंपनी ने लोन के नाम पर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सहित कई लोगों से लाखों रुपये ठग लिए।
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पीड़ित एमआर ने एसएसपी जे. रविंद्र गौड़ से शिकायत की है।

आशियाना स्थित एलडीए कॉलोनी के सेक्टर जी निवासी प्रदीप ने गीतांजली फाइनेंस कंपनी के विज्ञापन में दिए गए नंबर (8285114286 व 8285114287) पर संपर्क कर पांच लाख रुपये लोन लेने की इच्छा व्यक्त की।

कंपनी से मेघना नाम की महिला ने उनसे रजिस्ट्रेशन के लिए 275 रुपये जमा करने और जरूरी डाक्युमेंट भेजने की बात कही।

बकौल प्रदीप, पैसा जमा कराने के लिए उन्हें कंपनी के एमडी अशोक कुमार पिलरावल का एसबीआई का अकाउंट नंबर (32771398721) दिया गया।

रुपये जमा होेन के बाद मेघना ने प्रदीप को फोन कर वेरीफिकेशन के लिए कॉल आने का इंतजार करने की बात कही। इसके बाद अलग-अलग कारण बता करीब पचास हजार रुपये जमा करा लिए।
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बावजूद इसके लोन की रकम न मिलने पर प्रदीप को शंका हुई। इस पर उसने सोमवार को एसएसपी को पूरे मामले की जानकारी दी।

मेघना ने गीतांजली फाइनेंस का ऑफिस नई दिल्ली के कनाट प्लेस बारा खंबा रोड पर गोपाल दास बिल्डिंग के सातवें फ्लोर पर तथा बंगलौर एक्सटेंशन में टीसी प्लाजा, अक्षय नगर रामामूर्तिनगर में 9 केआरबी टॉवर में होने की बात कही थी।

‘अमर उजाला’ संवादादाता ने जब कंपनी के दोनों नंबर डायल किए तो किसी महिला से बात हुई। मेघना के बारे में पूछने पर महिला ने रांग नंबर कहते हुए फोन काट दिया।

कंपनी ने प्रदीप के साथ ही कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। एसएसपी ने कृष्णानगर पुलिस को मामले की पड़ताल कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

हर बार एक नया कारण
24 सितंबर को राजकुमार गुप्ता के नाम से फोन आया और उन्होंने जांच के नाम पर 5,570 रुपये एमडी के अकाउंट में जमा कराने के लिए कहा। प्रदीप ने रकम जमा करा दी।

25 सितंबर को तुषार कपूर ने प्रदीप को फोन कर खुद को मैक्स इंश्योरेंस का एमडी बताते हुए कहा कि वह निगेटिव जोन में रहते हैं, इसलिए लोन का बीमा करना होगा।

तुषार का कहना था कि एक किस्त के 16,730 रुपये उन्हें देने होंगे व बाकी दो किस्तें कंपनी जमा करेगी। रकम जमा होने के आधे घंटे में लोन की रकम उनके खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।

प्रदीप ने रुपये जमा कर मेघना को जानकारी दी। अगले दिन मेघना ने फोन पर बताया कि आपका मार्कशीट लोन होने के चलते सेविंग अकाउंट में रुपये ट्रांसफर नहीं हो सकते, इसलिए लोन की रकम बैंक ने होल्ड कर दी है।

साथ ही कहा कि बैंक ने लोन की रकम पर 50,000 रुपये इंकम टैक्स का जुर्माना लगा दिया है। मेघना ने प्रदीप से कहा कि 25,000 रुपये वह जमा करें।

बाकी रकम कंपनी जमा करेगी। 25 हजार और जमा करने के बावजूद प्रदीप के खाते में लोन की रकम नहीं आई। इसके बाद मेघना ने फोन कर कहा कि बैंक ने रुपये वापस कंपनी के अकाउंट में डाल दिए हैं।

उनके खाते में ट्रांसफर करने पर इंकम टैक्स देना होगा। इससे बचने के लिए डीडी बनवाकर भेज रही है, जो 30 सितंबर तक उसे मिल जाएगी। इस बीच सुधीर ने फोन कर 15,540 रुपये जमा करने पर चौबीस घंटे में डीडी देने की बात कही।
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पटना विस्फोट के पीछे भी यही दो आतंकी

साथ ही कहा कि रुपये जमा न करने पर तीन महीने लग जाएंगे। अलग-अलग बहाने से रुपये जमा रहे प्रदीप ने शंका होने पर रुपये जमा करने से इन्कार करते हुए एफाआईआर कराने की बात कही तो मेघना धमकाने लगी।

एक अक्तूबर को मेघना ने फिर फोन किया और 8,540 रुपये जमा करने को कहा। इसके बाद से लगातार फोन आ रहे हैं।
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