हरदोई रोड की आश्रयहीन योजना में मकान आवंटित कराने के नाम पर शिवकुमार ने कई लोगों से 80 हजार से लेकर 1.20 लाख रुपये वसूले हैं। इन लोगों को बाकायदा फर्जी अलॉटमेंट लेटर भी दिए।
अब जबकि, लंबा समय बीत चुका है, लोगों को उनके आवास नहीं मिले और साथ ही रुपया भी वापस नहीं किया गया तो बात सामने आई है।
लेकिन आलम यह है कि न पुलिस आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर रही है और न ही एलडीए कोई कार्रवाई कर रहा है। धोखाधड़ी के एक ऐसे ही केस में शिवकुमार 2008 में जेल की हवा भी खा चुका है।
इसके बावजूद प्राधिकरण में उसको चार्जशीट नहीं किया गया है। ऐसे ही एक पीड़ित के पुत्र राहुल गौतम ने शिवकुमार का स्टिंग ऑपरेशन कर के उसको कैमरे पर रुपया लेने और कभी न वापस करने की बात करते हुए कैद कर लिया।
राहुल के पिता ने उनकी दादी शकुंतला गौतम के नाम पर आश्रयहीन मकान लेने के लिए शिव कुमार को धन दिया था। इस स्टिंग और अन्य सुबूतों के साथ पीड़ित पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों से दोबारा शिकायत करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक ठग चपरासी ने इसी तरह करोड़ों की संपत्ति बना ली है। इसके बाद भी एलडीए ने कोई भी कार्रवाई आरोपी पर नहीं की। न तो कोई जांच की गई और न ही निलंबन हुआ।
इस समय भी शिवकुमार गौतमबुद्ध पार्क या नींबू बाग में कार्यरत बताया जा रहा है। आरोप है कि शिवकुमार ने करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली है।
जिसमें कई वाहन, मकान और भूमि भी शामिल है। ये तो चंद पीड़ित हैं। अनेक ऐसे पीड़ित भी हैं, जो कभी सामने नहीं आए हैं।
पीड़ितों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा एसएसपी, डीएम, एलडीए वीसी से इस प्रकरण में शिकायत की है। मगर शिकायत किए हुए लगभग एक महीना बीतने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिल सका है।
न तो कोई जांच शुरू की गई है। ऐसे में इस स्टिंग के जरिये कड़ी कार्रवाई की उम्मीद पीड़ित कर रहे हैं।