ठगों ने मोबाइल टावर कंपनी में फील्ड ऑफिसर की नौकरी का इश्तहार छपवाया। झांसे में आई एक महिला को शुक्रवार दोपहर हजरतगंज बुलाया।
गहने उतरवाकर पर्स में रखे और काम समझाने के बहाने विभिन्न स्थानों पर घुमाता रहा। वेव मॉल के पास महिला को उतारा और नगदी-गहनों से भरा पर्स लेकर चंपत हो गया।
ठगी की शिकार बनी महिला ने देर शाम हजरतगंज कोतवाली में शिकायत की है। पुलिस के मुताबिक, इंदिरानगर के गांव चांदन निवासी वाहन चालक राजेश मिश्रा की पत्नी प्रज्ञा ने बुधवार को एक अखबार में मोबाइल टावर कंपनी में फील्ड ऑफिसर की नौकरी का विज्ञापन पढ़ा।
साढ़े छह से साढ़े बारह हजार रुपये वेतन की नौकरी के लिए 35 वर्ष से कम युवक-युवतियों को आवेदन करना था। प्रज्ञा ने इश्तहार पर छपा मोबाइल नंबर डायल करके संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया।
इसके बाद प्रज्ञा के मोबाइल पर कॉल आने लगी। खुद को कंपनी का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने प्रज्ञा को शुक्रवार दोपहर 12 बजे हजरतगंज चौराहे पर बुलाया।
उसके तन पर गहने देखकर बोला कि टावर से निकलने वाली किरणें सोने-चांदी के संपर्क में आने से गड़बड़ा जाती हैं और हादसा होने का खतरा है।
ऐसे में अपने गहने उतारकर पर्स में रख लो। झांसे में आई प्रज्ञा ने चेन, अंगूठी, पायल उतारकर कागज में लपेटे और पर्स में रख लिए। गहने व दो हजार रुपये से भरा पर्स युवक ने अपनी बाइक की डिक्की में रखवा दिया।
इसके बाद संबंधित व्यक्ति ने प्रज्ञा को बाइक पर बैठाया और विभिन्न स्थानों पर लगे मोबाइल टावरों के पास घुमाता रहा। तीन घंटे बाद वह वेव मॉल पहुंचा।
प्रज्ञा को एक स्थान पर रुकने के निर्देश दिए और खुद टावर चेक करके लौटने की बात कहकर चला गया। काफी देर इंतजार के बाद भी युवक नहीं लौटा तो प्रज्ञा उसकी बाइक की तरफ बढ़ी।
पता चला कि नौकरी का झांसा देने वाला व्यक्ति चंपत हो चुका है। प्रज्ञा ने वृंदावन योजना पावर हाउस के एसडीओ के वाहन चालक अपने पति राजेश को पीसीओ से फोन किया और वेव चौकी पहुंची।
पुलिसकर्मियों ने उसे हजरतगंज कोतवाली का रास्ता दिखा दिया। प्रज्ञा ने देरशाम राजेश के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
उसने बताया कि पर्स में गहने, दो हजार रुपये, मोबाइल व अन्य सामान था। ठगी का शिकार बनाने वाले व्यक्ति की हुलिए के आधार पर तलाश की जा रही है।