रिवर बैंक कालोनी में पेट्रोल पंप मालिक की हत्या का अभी खुलासा भी नहीं हुआ था कि बुधवार देर रात बदमाशों ने गोमतीनगर में रहने वाले एक पेट्रोल पंप संचालक रवि आनंद सिंह के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी मचा दी।
पंप संचालक ने लखनऊ विश्वविद्यालय के बर्खास्त छात्र नेता और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को मौके से दो खोखे मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि पंप संचालक मोबाइल टावरों पर डीजल सप्लाई का काम भी करता है। बीते दिनों उसके सुपरवाइजर से आरोपी छात्र नेता का विवाद हुआ था जिसके चलते फायरिंग की घटना हुई।
गोमतीनगर के नेहरू इन्क्लेव में रहने वाले रवि आनंद के घर पर बुधवार रात करीब पौने एक बजे चार बदमाश आए। बकौल रवि आनंद, बदमाशों ने पहले दरवाजा खटखटाया।
दरवाजा न खोलने पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद बदमाशों ने दरवाजे पर तमंचा सटाकर दो फायर किए।
इस पर रवि आनंद ने पुलिस कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकले।
रवि आनंद ने बताया कि उनका गोंडा में पेट्रोल पंप है। वह करीब डेढ़ साल से पत्नी प्रीति के साथ यहां रह रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दस दिन पहले डीजल सप्लाई के ठेके को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय के बर्खास्त छात्र नेता टीडी सिंह उर्फ तिलकधारी सिंह से उनके सुपरवाइजर का कुछ विवाद हो गया था।
रवि आनंद का कहना है कि आरोपी ने उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
रवि की तरफ से गोमतीनगर थाना में टीडी सिंह सहित चार बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सीओ गोमतीनगर विद्या सागर मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की छानबीन कराई जा रही है। कहीं कोई और विवाद तो नहीं है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
मंत्री का करीबी बताकर मांगी थी रंगदारी
लविवि के बर्खास्त छात्र नेता टीडी सिंह उर्फ तिलकधारी ने दस दिन पहले रवि आनंद सिंह कोफोन करके रायबरेली के कैबिनेट मंत्री का करीबी बताकर रंगदारी मांगी थी। मना करने पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
कई मुकदमों में वांछित हैं तिलकधारी
तिलकधारी मूल रूप से बलिया का निवासी है। लविवि से दो साल पहले मारपीट के मामले में उसे बर्खास्त कर दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हसनगंज में जानलेवा हमला, मारपीट, बलवा सहित कई अन्य गंभीर आरोपों में रिपोर्ट दर्ज है। लविवि से बाहर किए जाने के बाद वह ठेकेदारी शुरू की।
चर्चा है कि उसके कई मंत्री व विधायकों से नजदीकी संबंध हैं इसलिए पुलिस भी आरोपी पर हाथ डालने से बच रही है।