युवती का कहना है कि फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करते हुए डॉ रवि देव ने उसे अपने आवास पर ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद आए दिन बुलाकर दरिंदगी करने लगा। शादी का झांसा देने के साथ क्लीनिक के व्यवस्थापक का काम सौंपा और युवती को 26 जून 14 से अलीगंज इलाके में एक फ्लैट रखकर यौन शोषण करके गर्भवती कर डाला।
युवती का कहना है कि अप्रैल 15 में गर्भवती होने की भनक लगने पर डॉक्टर ने गर्भपात कराने का प्रयास किया। किसी तरह उसने 11 दिसंबर 15 को एक बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद डॉ रवि देव आए दिन गालीगलौज व प्रताड़ित करने लगे।
बीटेक पास युवती ने पुलिस को बताया कि प्रताड़ना से तंग आकर 9 फरवरी 18 को वह अपने बच्चे को लेकर इटौंजा इलाके में माता-पिता के घर लौट गई। कुछ दिन डॉ रवि देव के डर से मायके में छिपी रही। इसके बाद बच्चे की परवरिश की खातिर नौकरी तलाशनी शुरू की।
वह शुक्रवार को नौगरी की तलाश में गोमतीनगर जा रही थी। रास्ते में कुकरैल बंधा वाली गली में पीएसी मुख्यालय के पास डॉ रवि देव ने क्राइम ब्रांच के सिपाही व पप्पू नामक पत्रकार की मदद से उसे घेर लिया। बच्चे को लेकर लौट आने की हिदायत दी। कहा कि बात न मानने पर उसके साथ बच्चे को भी जान से मरवा देंगे।
डॉ रवि देव ने दुष्कर्म व अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेलिंग के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि युवती से उनके लिव-इन रिलेशन थे। चार-पांच साल साथ रहने के दौरान युवती ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद से उसके सुर बदलने लगे। आए दिन झगड़ने लगी और फरवरी 18 में बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के घर चली गई। वह बच्चे को देखने गए तो झगड़ा किया। बात न बनने पर बच्चे को वापस लेने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर किया है, उस पर 3 नवंबर को सुनवाई होनी है।