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राजधानी के सबसे बड़े न्यूरोसर्जन ने युवती से की दरिंदगी, शादी का झांसा दे बनाया मां

Sat, 13 Oct 2018 08:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पीड़िता का प्रार्थनापत्र
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महानगर इलाके में एक युवती ने न्यूरो सर्जन डॉ रवि देव पर पांच साल पहले इलाज के दौरान बेहोश करके दुष्कर्म और अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेल व शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए शनिवार को प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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युवती का कहना है कि डॉ रवि देव ने क्लीनिक का व्यवस्थापक बनाया और एक फ्लैट में रखकर यौन शोषण किया। युवती ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रताड़ना से तंग आकर बेटे के साथ अपने माता-पिता के घर में शरण ली।

बच्चे की परवरिश के लिए नौकरी तलाशने निकली थी तो डॉक्टर ने क्राइम ब्रांच के सिपाही व पत्रकार की मदद से उसे घेरकर जान से मारने की धमकी दी।

अपर अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि इटौंजा इलाके की युवती ने डॉ रवि देव पर दुष्कर्म, अश्लील फोटो खींचने, शादी का झांसा देकर यौनशोषण, गर्भपात के प्रयास, प्रताड़ना और क्राइम ब्रांच के सिपाही व एक पत्रकार पर जानमाल की धमकी का आरोप लगाते प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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युवती का कहना है कि सितंबर 13 में सिर की गांठ का इलाज कराने महानगर के सेक्टर-सी में डॉ रवि देव के क्लीनिक पर गई थी। उन्होंने दिसंबर 13 में ऑपरेशन किया और खुद ड्रेसिंग करने लगे।

आरोप है कि इलाज के दौरान बेहोशी की दवा देकर दुष्कर्म के साथ आपत्तिजनक फोटो खींच लिए। स्वस्थ होने पर युवती अपने घर लौट गई। चार महीने बाद अल्सर होने पर अप्रैल 14 में युवती को उसकी बुआ डॉ रवि देव के क्लीनिक पर ले गई। डॉक्टर ने सभी को केबिन से बाहर किया और युवती से अश्लील हरकतें करने लगा। विरोध पर आपत्तिजनक फोटो दिखाकर ब्लैकमेल किया। 

क्लीनिक का व्यवस्थापक बनाकर यौन शोषण 

युवती का कहना है कि फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करते हुए डॉ रवि देव ने उसे अपने आवास पर ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद आए दिन बुलाकर दरिंदगी करने लगा। शादी का झांसा देने के साथ क्लीनिक के व्यवस्थापक का काम सौंपा और युवती को 26 जून 14 से अलीगंज इलाके में एक फ्लैट रखकर यौन शोषण करके गर्भवती कर डाला।

युवती का कहना है कि अप्रैल 15 में गर्भवती होने की भनक लगने पर डॉक्टर ने गर्भपात कराने का प्रयास किया। किसी तरह उसने 11 दिसंबर 15 को एक बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद डॉ रवि देव आए दिन गालीगलौज व प्रताड़ित करने लगे।

नौकरी की तलाश में निकली तो धमकाया

बीटेक पास युवती ने पुलिस को बताया कि प्रताड़ना से तंग आकर 9 फरवरी 18 को वह अपने बच्चे को लेकर इटौंजा इलाके में माता-पिता के घर लौट गई। कुछ दिन डॉ रवि देव के डर से मायके में छिपी रही। इसके बाद बच्चे की परवरिश की खातिर नौकरी तलाशनी शुरू की।

वह शुक्रवार को नौगरी की तलाश में गोमतीनगर जा रही थी। रास्ते में कुकरैल बंधा वाली गली में पीएसी मुख्यालय के पास डॉ रवि देव ने क्राइम ब्रांच के सिपाही व पप्पू नामक पत्रकार की मदद से उसे घेर लिया। बच्चे को लेकर लौट आने की हिदायत दी। कहा कि बात न मानने पर उसके साथ बच्चे को भी जान से मरवा देंगे। 
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लिव-इन रिलेशन में जन्मे बच्चे को लेकर मुकदमा

डॉ रवि देव ने दुष्कर्म व अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेलिंग के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि युवती से उनके लिव-इन रिलेशन थे। चार-पांच साल साथ रहने के दौरान युवती ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद से उसके सुर बदलने लगे। आए दिन झगड़ने लगी और फरवरी 18 में बच्चे को लेकर अपने माता-पिता के घर चली गई। वह बच्चे को देखने गए तो झगड़ा किया। बात न बनने पर बच्चे को वापस लेने के लिए न्यायालय में मुकदमा दायर किया है, उस पर 3 नवंबर को सुनवाई होनी है। 
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