गोंडा के रहने वाले कौशलेन्द्र सिंह का बेटा दिव्यांश लखनऊ में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसकी मटियारी में रहने वाले कुछ लड़कों से विवाद हो गया था। इन लड़कों ने दिव्यांश को काफी परेशान करना शुरू कर दिया। लड़कों की हरकतों से परेशान होकर उसने खुदकुशी की है। यह आरोप पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे पिता ने लगाया है।
पिता के मुताबिक वह सहारा इंडिया में कानपुर में तैनात है। उनका बेटा दिव्यांश इंटर की पढ़ाई करने के बाद लखनऊ आ गया। यहां मटियारी में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसका कुछ दिन पहले कॉलोनी के युवकों से विवाद हो गया। कॉलोनी के युवक उसे लगातार परेशान कर रहे थे।
उसकी आते-जाते समय वीडियो बनाते और फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे। रक्षाबंधन में वह गांव गया था। मंगलवार शाम को वह वापस आया। बुधवार को अपने कुछ दोस्तों के साथ रात को कठौता के पास टहल रहा था।
इसी बीच उसने घर पर बातचीत की। जिस मोबाइल नंबर से बात किया वह उसका नहीं था। दोबारा जब फोन किया गया तो कॉल नहीं उठा। काफी प्रयास के बाद कॉल पिक हुई तो वह हरदोई में होने की बात कही। इसी बीच पुलिस ने घर पर उसकी मौत की सूचना दे दी। पिता ने हादसे के समय साथ मौजूद दोस्तों पर संदेह जाहिर करते हुए पूछताछ और जांच की मांग की है।
वहीं अमित उर्फ शुभम एक निजी कंपनी में काम करता था। वह बुधवार को गांव से लौटकर लखनऊ आया था। वह दिव्यांश के साथ झील के किनारे टहल रहा था। रात करीब 9.40 बजे वह अपने माता-पिता से बातचीत की। उसने अपनी मां को बताया कि शाम को लखनऊ पहुंचा है।
वह इस समय कमरे में है। हालांकि वह अपने दोस्त दिव्यांश व दो अन्य के साथ कठौता झील पर टहल रहा था। इसी बीच दिव्यांश झील में कूदा तो वह उसे बचाने के लिए कूद गया। दोनों झील में कूदते ही सेवार में फंस गये। जिसके कारण उनकी मौत हो गई।
शुभम के पिता ने बताया कि उसका मोबाइल नहीं मिला है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह ने बताया कि किसी भी परिवारीजनों ने तहरीर नहीं दी है। दोनों की मौत डूबने से हुई। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। दिव्यांश व शुभम केदो अन्य दोस्तों से देर रात तक पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।