दुष्कर्म के दो मामलों में अलग-अलग अदालतों ने मंगलवार को दो आरोपियों को क्रमश: आठ व सात साल की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक मामले में जुर्माने की सारी रकम पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक किसोरी को अगवा करके उससे दुष्कर्म के आरोपी लवकुश बढ़ई को अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश नारायण दूबे ने आठ वर्ष के कठोर कारावास व 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसमें पांच हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
सरकारी वकील अभय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किशोरी के पिता ने 3 अगस्त 2008 को लवकुश पर अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। उसके कब्जे से मिली किशोरी के परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई।
इस पर अपहरण के साथ दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर तफ्तीश की गई और कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था।
मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने लवकुश को दोषी करार देते हुए आज सजा सुनाई है।
वहीं, भाभी व पड़ोसन के साथ वोट डालने निकली युवती को अपनी हवस का शिकार बनाने के आरोपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ गोपाल मिश्रा को सात वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अपर सत्र न्यायाधीश बीडी मिश्रा ने दोषी करार देते हुए जुर्माने की सारी रकम पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
सरकारी वकील ने बताया कि पीड़िता ने 28 अप्रैल 2007 को तालकटोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी भाभी व पड़ोसिन के साथ राजाजीपुरम के बी-ब्लॉक स्थित इंदिरा गांधी संस्थान वोट डालने गई थी।
पीड़िता पहले ही वोट डालकर बाहर आ गई। अपनी भाभी व पड़ोसिन का इंतजार कर रही थी।
इस बीच इंदिरा गांधी संस्थान में ही नौकरी करने वाला गोपाल मिश्रा आया और रास्ता बताने के बहाने एक कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया।