अमीनाबाद में 60 हजार रुपये के बकाया बिजली बिल की रकम को फर्जी नाम पर थोपने के लिए लेसा के एक पेटी ठेकेदार ने उपखंड अधिकारी का पासवर्ड हैक कराया था। एक्सईएन के कंप्यूटर ऑपरेटर ने पासवर्ड को हैक करने में सहयोग किया।
यह ऑपरेटर ठेकेदार के सिंडीकेट में शामिल है, जो बड़े-बड़े बकाएदारों की सूची मुहैया कराकर अवैध वसूली कराता है। इस सिंडीकेट का अड्डा रेजीडेंसी का ऑनलाइन बिलिंग केंद्र है। यह पेटी ठेकेदार पहले दिल्ली की एक कंपनी के लिए सुपरवाइजरी करता था।
ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद पूर्व एमएलसी के सगे संबंधी ठेकेदार का दामन थामकर ठाकुरगंज एवं चौक खंडीय इलाके में पेटी ठेकेदार के रूप में बकाएदारों की बिजली काटने एवं मीटर लगाने का काम करने लगा।
इस पेटी ठेकेदार के खिलाफ उपभोक्ताओं से अवैध वसूली किए जाने के तीन मामले एक्सईएन ठाकुरगंज के पास पहुंच चुके हैं। इस पेटी ठेकेदार ने 25 हजार रुपये में बशीरतगंज निवासी रफीक के 60 हजार रुपये के बकाया को खत्म कराने का ठेका लिया था।
इसके लिए एक्सईएन के ऑपरेटर ने एसडीओ संजीव कुमार गुप्ता के पासवर्ड को हैक किया। इसके बाद 12 सितंबर को रेजीडेंसी बिलिंग केंद्र से रफीक का नाम गायब करके फर्जी तरीके यह बिल मोहम्मद अहमद के नाम कर दिया गया।
अधिकारियों की गोपनीय जांच में पाया गया कि पेटी ठेकेदार का सिंडीकेट इस पासवर्ड से बहुत से बकाएदारों की रकम फर्जी नाम पर थोप चुका ,लेकिन इलाकाई इंजीनियर इसकी जांच करने से कतरा रहे हैं। उनको डर है कि इसकी जांच में दूसरा घोटाला उजागर हो सकता है।
बिचौलिए ने दी पुलिस को तहरीर
ठाकुरगंज के बाबादासपुरम घासमंडी निवासी लेसा के पेटी ठेकेदार और उसके भाई ने रफीक के बिल की 60 हजार रुपये की रकम को खत्म कराने का ठेका लिया था। सआदतगंज के वजीरबाग चरही निवासी जैद अख्तर ने इसका खुलासा पुलिस को तहरीर देकर किया है।
जैद अख्तर ने शनिवार को ठाकुरगंज थानाध्यक्ष को तहरीर देकर पेटी ठेकेदार एवं उसके भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पुलिस ने जैद का प्रार्थना पत्र रिसीव कर लिया पर मुकदमा दर्ज नहीं किया। कहा जा रहा है कि इस प्रकरण को रफादफा करने की तैयारी है।
बकाएदार को नोटिस
ठाकुरगंज इलाके में गुरुवार को जब नील कमल शुक्ला के नाम से 82,970 रुपये के बकाया बिल के उपभोक्ता की खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि बकाया परिसर पर बीयर बार चलता पाया गया।
इलाकाई जेई मो. जीशान का दावा कि मौके पर केबल एवं मीटर नहीं मिला। वहीं जेई की माने तो 1,40,716 रुपये की बकाएदारी वाला परिसर खंडहर है।
जेई ने शनिवार तक निरीक्षण की रिपोर्ट दाखिल नहीं की थी। दूसरी तरफ एक्सईएन आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि नील कमल शुक्ला का मूल पता हासिल हो चुका है।
शुक्ला को सोमवार तक बकाया रकम जमा करने के लिए धारा-3 के तहत नोटिस जारी कर दी जाएगी। बकाया रकम जमा न करने पर प्रकरण को तहसील के हवाले कर दिया जाएगा।