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लखनऊ विश्वविद्यालय फिर बना मैदान-ए-जंग, मारपीट-हंगामा

Tue, 25 Oct 2016 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विश्वविद्यालय में वर्चस्व की जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। हबीबुल्लाह छात्रावास में बृहस्पतिवार देर रात हुई फायरिंग और प्रदर्शन की रार बढ़ती जा रही है। सोमवार दोपहर परिसर फिर मैदान-ए-जंग बना रहा।
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प्रॉक्टर ऑफिस के सामने दोनों गुटों के छात्रों में हुई मारपीट और हंगामे में एक छात्र घायल हो गया। आनन-फानन पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को अलग कर किसी तरह हालात संभाले।

कुछ देर बाद फिर दोनों गुटों के छात्र हाथों में लोहे की रॉड और डंडे लेकर परिसर पहुंच गए। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझा-बुझाकर हॉस्टल भेज दिया।
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मामला बढ़ता देख चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय ने एसएसपी मंजिल सैनी से अतिरिक्त सुरक्षा की मांगी की। तनाव देखते हुए देर शाम परिसर के साथ-साथ हबीबुल्लाह और महमूदाबाद छात्रावास में पुलिस तैनात कर दी गई है।

इस तरह बढ़ गया विवाद

जानकारी के अनुसार, दोपहर पौने एक बजे बीए द्वितीय वर्ष का छात्र सौरभ सिंह साथियों के साथ प्रॉक्टर से मिलने आया था। सौरभ ने बताया कि बृहस्पतिवार रात हबीबुल्लाह हॉस्टल में उसे असलहे की बट से घायल करने वाले जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर कराई थी वह उसे धमकी दे रहे हैं।

इनमें हबीबुल्लाह हॉस्टल के ही छात्र शशिकांत पाठक भी है। इसी दौरान शशिकांत के समर्थन में इसी हॉस्टल के छात्र व कई छात्रनेता पहुंच गए। इस पर प्रो. निशि पांडेय ने सौरभ और उसके साथी छात्रों को दूसरे दरवाजे से निकाल दिया।

उधर, शशिकांत के समर्थन में आए छात्रनेता विश्व प्रताप सिंह, विनय विक्रम, संदीप, आशीष मिश्रा आदि ने कहा कि शशिकांत व अमृत मिश्रा सहित अन्य छात्रों पर झूठा आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

इसी बीच प्रॉक्टर ऑफिस के बाहर विवि से निष्कासित छात्र सतीश सिंह निकला, जिसे देखकर शिकायत करने वाले छात्र प्रॉक्टर व पुलिस चौकी प्रभारी आरपी त्रिपाठी पर भड़क उठे। छात्रनेताओं ने कहा कि निष्कासित छात्र विवि में क्यों आ रहे हैं।

दोनों गुटों में हुई मारपीट

शुक्रवार को सौरभ सिंह के पक्ष में प्रदर्शन करने वालों में सतीश भी शामिल था। इसी दौरान कुछ छात्र सतीश को पकड़ने जा रहे थे तभी वह भाग निकला लेकिन सौरभ के कुछ साथी पकड़ में आ गए। इस पर दोनों गुटों में मारपीट हुई, यहां कुछ लोगों के हस्तक्षेप से जैसे तैसे सौरभ के साथी बचकर निकल गए।

बताया जाता है कि करीब तीन बजे के बाद सौरभ के साथी महमूदाबाद हॉस्टल से अन्य छात्रों के साथ फिर आ धमके। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस ने सौरभ सिंह के साथियों को कैशियर ऑफिस और विश्व प्रताप के गुट को सीपीएमटी भवन के सामने रोक लिया।

करीब चार बजे पुलिस अधिकारियों ने दोनों गुटों के छात्रों को समझाकर हॉस्टल भेज दिया। इनमें से अधिकतर छात्र अपने चेहरे पर रुमाल बांधे थे, जिनसे कोई इन्हें पहचान नहीं सके। इनके हाथों में लोहे की रॉड और डंडे थे। मौके पर एसपीटीजी दुर्गेश कुमार और कई थानों की फोर्स मौजूद थी।

प्राक्टर ऑफिस में छात्रों ने दी शिकायत

सोमवार की घटना को लेकर महमूदाबाद छात्रावास के स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र देश दीपक यादव ने विश्व प्रताप, विनय विक्रम, मनीष, प्रभात, नीरज, आलोक, बालेंद्र, अवनीश, आशीष, विपुल के खिलाफ हमला करने का आरोप लगाते हुए प्रॉक्टर ऑफिस में शिकायत दी है।

वहीं, विश्व प्रताप व विनय सहित कुछ अन्य छात्रों ने प्रॉक्टर को दी शिकायत में कहा है कि बीए का छात्र सौरभ सिंह सोमवार को सतीश, आदित्य, राहुल, अमित, अभिनंदन, चिन्मय, दीपक, आदर्श, अमित, सौरभ, किशन और विशाल के साथ परिसर आया था। इन लोगों ने उन्हें धमकाने के साथ मारने-पीटने की कोशिश की।

इन लोगों ने सतीश पर परिसर में फायरिंग का आरोप लगाया है। प्रॉक्टर प्रो. निशि ने बताया कि दोनों पक्षों में आरोपी छात्रों को नोटिस भेजने केसाथ ही शिकायत पुलिस को भेजी जाएगी।
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हॉस्टल्स व परिसर में पुलिस तैनात

मामले पर लविवि की चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय ने कहा कि विवि में प्रतिबंधित छात्र सतीश सिंह को देखकर दूसरे गुट के छात्र उसे पकड़ने के लिए दौड़े तो दोनों गुटों में मारपीट हुई। सुरक्षा के मद्दे नजर हॉस्टल्स व परिसर में पुलिस तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों से शिकायत ले ली गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

लखनऊ की एसएसपी मंजिल सैनी का का कहना है कि छात्रों के बीच पुराने झगड़े को लेकर फिर से हालात अराजक हो गए थे। यूनिवर्सिटी परिसर में फोर्स तैनात करके शांति व्यवस्था कायम करा दी गई है। तहरीर मिलने पर उपद्रवी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
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